गाजीपुर। नगर क्षेत्र के कुछ तिराहों-चौराहों के साथ कुछ सड़कों की पहचान जाम वाली सड़क के रूप में होने लगी है। यह होना भी लाजिमी है। वजह इन मार्गों पर सुबह से शाम तक कई बार लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूलों की छुट्टी और शाम को यातायात का दबाव बढ़ने पर यह समस्या और विकराल हो जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन भी कोई ठोस इंतजाम करता दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे आवागमन करने वालों की परेशानियां कम नहीं हो पा रही हैं।
शहर में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कचहरी, उपचार, खरीदारी सहित अन्य कार्यों के लिए आते हैं। ऐसे में नगर क्षेत्र की विभिन्न सड़कों पर सुबह ही आवागमन का बढ़ना शुरू हो जाता है। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के बाद स्कूली वाहनों का दबाव भी मार्ग पर बढ़ जाता है। ऐसे में नगर के लंका, मिश्रबाजार तिराहा, महुआबाग चौराहा, सिटी स्टेशन तिराहा, स्टीमर घाट सहित कई अन्य मार्गों पर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसके साथ ही शाम को बाजार में खरीददारों की भीड़ बढ़ने के दौरान भी लोगों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। जाम की सबसे अधिक समस्या मिश्रबाजार तिराहा, स्टेशन तिराहा पर होती है। इसके साथ लंका बस स्टैंड के सामने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा वाहन को सड़क पर ही खड़ा किए जाने से पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी देर पर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। लाल दरवाजा के राजीव शर्मा और मिश्रबाजार के चंदन साहू ने कहा कि नगर के कई मार्गों पर ठेला-खोमचा वालों का कब्जा रहने से जाम लगता है। खासकर शाम को यह समस्या और भी गहरा जाती है। अगर मार्ग कब्जामुक्त होते तो शायद जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होती। सिकंदरपुर के विक्की और नवापुरा के लालू ने कहा कि शहर के कुछ मार्ग ऐसे हैं, जहां सुबह से लेकर शाम तक लोगों को जाम का मुंह देखना पड़ता है। खासकर स्कूल की छुट्टी के दौरान विभिन्न स्कूलों के वाहनों के निकलने और शाम को लोगों की भीड़ बढ़ने के समय आवागमन करने वालों को जाम का झाम झेलना पड़ रहा है।