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गाजीपुर: पालिका परिषद की अनदेखी, शहर का हर चौराहा-तिराहा अतिक्रमण की जद में

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शहर के विशेश्वरगंज तिराहे के पास सड़क के किनारे दुकान लगाए लोग। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। शहर में नगर पालिका के जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण अतिक्रमण की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। शहर के कई प्रमुख चौराहे-तिराहे जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण संकरे होते जा रहे हैं। इससे आएदिन जाम लगने के साथ ही अतिक्रमण की समस्या दुर्घटना को न्यौता दे रही है। शहर की अधिकांश सड़कें, नाले-नालियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। बाजारों की हालत और भी खराब है, यहां तो फुटपाथ पर भी कब्जा है। नगर पालिका की उदासीनता के अलावा प्रशासन और पुलिस की बेरुखी के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए कभी-कभार अभियान चलाया जाता है, लेकिन अफसरों के नजर फेरते ही अतिक्रमण फिर कर लिया जाता है।
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नगर क्षेत्र की सड़कों तथा फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर न तो नगर पालिका सक्रिय है न ही प्रशासन। हालात यह है कि वर्तमान में नगर के प्रमुख मार्ग पर रात के समय सड़कें चौड़ी नजर आती हैं लेकिन दोपहर दो बजे के बाद चौड़ी सड़कें संकरी हो जाती हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते सड़क किनारे राहगीरों को पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथों पर दुकानें सजा दी जाती है। फुटपाथ पर अतिक्रमण होने के चलते पैदल चलने वाले लोगों को सड़कों पर से आवागमन करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन तथा नगर पालिका द्वारा अभियान नहीं चलाया जाता है लेकिन अतिक्रमण हटने के बाद कुछ दिन बाद दोबारा समस्या पैदा हो जाती है।
मिश्र बाजार चौराहा: नगरवासी ही नहीं मरीज भी होते हैं परेशान
गाजीपुर। नगर का मुख्य मार्ग मिश्र बाजार चौराहा अतिक्रमण की जद में है। यहां बीच सड़क पर सब्जी की दुकानें लगने के साथ बेतरतीब वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने से चौड़ी सड़क संकरी गली के सामान हो जाती है। अतिक्रमण से शाम के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इस समस्या से निकलने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पास में महिला अस्पताल होने के चलते शाम को आने वाले मरीजों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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विशेश्वरगंज चौराहा: पुलिस पिकेट, फिर भी अतिक्रमण
गाजीपुर। विशेश्वरगंज चौराहा के पास न केवल सड़क किनारे अतिक्रमण है। बल्कि अस्थाई दुकानों से सड़क के संकरी होने के चलते सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनती रहती है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां पुलिस की पिकेट है, लेकिन न तो इस ओर पुलिस कर्मियों का ध्यान है न ही नगर पालिका का।
सड़क किनारे खड़ी बेतरतीब गाड़ियां, जिम्मेदारों को भनक तक नहीं
गाजीपुर। लंका तिराहा पर दिन के समय जाम न लगे, यहां से भारी वाहन, तिपहिया और कारें न जाएं, इसके लिए यहां पर भी पुलिस का पहरा रहता है लेकिन सड़क किनारे बड़े वाहनों के लोडिंग अनलोडिंग के अलावा फुटपाथों पर फल के दुकानदारों द्वारा कब्जा जमाया गया है। सड़क के दोनों पटरियों पर खड़े वाहनों से लगता है कि यह तिराहा वाहनों का स्टैंड है। इसके अलावा यही समस्या रेलवे स्टेशन तिराहा पर बनी हुई है।
कॉलोनियों में गंदगी, शिकायतों पर नहीं है कोई ध्यान
गाजीपुर। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता का दावा भले ही किया जाता है, लेकिन नगर के आमघाट कॉलोनी हो नवापुरा, नवाबगंज, नखास, रोडवेज, झुन्नूलाल चौराहा आदि जगहों पर सड़क किनारे डंप कचरा नगर पालिका के इस दावे के हकीकत को बयां करता है।
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