Ghazipur News : स्वास्थ्य विभाग मरीजों को सुविधा देने के हजार दावे क्यों न करे लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गाजीपुर में भी आया है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों ने आरोप लगाया कि हाथ पर समय लिखने के बाद इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन ऑपरेशन नहीं हुआ।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 200 बेड पुरुष अस्पताल में बड़ी लापरवाही और मनमानी सामने आई है। आरोप है कि सोमवार को मरीजों के हाथ पर समय और इंजेक्शन भी लग चुका था, लेकिन सर्जन ने सर्जरी करने से मना कर दिया। करीब 45 मिनट बीतने के बाद आक्रोशित मरीज हंगामा करने लगे। इसके बाद सभी वापस घर चले गए।
विज्ञापन
ये है आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पर्ची के पहुंच रहे लोगों का ऑपरेशन कर दिया जा रहा है, लेकिन यहां भर्ती मरीजों के हाथ पर समय लिख दिया जा रहा। इसके बाद इंजेक्शन तो लगाया जा रहा है, लेकिन ऑपरेशन नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
सोमवार को करीब छह मरीजों के हाथ पर समय लिख दिया गया और इंजेक्शन भी लगा दिया गया, लेकिन सर्जरी के समय सर्जन यह कहकर चले गए कि इमरजेंसी में जाना है। ऐसे में मरीजों एवं तीमारदारों के लिए मुश्किल हो गया। परेशान लोगों ने काफी इंतजार के बाद हंगामा शुरू कर दिया। लोगों के विरोध का भी कोई असर नहीं हुआ तो उन्हें बिना ऑपरेशन ही वापस घर लौटना पड़ा।
जिन मरीजों का ऑपरेशन निर्धारित तिथि पर नहीं हुआ है, उनका ऑपरेशन 19 मार्च को होगा। काफी इमरजेंसी थी, एक मरीज का काफी लंबा ऑपरेशन चला, जिससे दिक्कत आई। -प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य, महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज