फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Paras Nath Rai: स्कूल में पढ़ाते समय BJP से टिकट मिला तो चौंक गए पारसनाथ, नहीं कर पा रहे थे भरोसा

Thu, 11 Apr 2024 11:34 AM IST
प्रगति चंद अंकुर शुक्ला, गाजीपुर।

सार

लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की नई लिस्ट में गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से पारसनाथ राय को प्रत्याशी बनाया गया है। जिस समय लिस्ट में उनका नाम होने की जानकारी मिली उस समय पारसनाथ स्कूल में संस्कृत पढ़ा रहे थे। 
विज्ञापन
पारसनाथ राय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाजपा ने गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से पारसनाथ राय को प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया। पारसनाथ को ही भरोसा नहीं हो रहा था कि उन्हें टिकट मिला है। जब पारसनाथ के नाम का एलान किया गया, तब वह अपने ही विद्यालय में कक्षा सात के विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ा रहे थे। 
विज्ञापन


भाजपा के एक पदाधिकारी ने फोन करके उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की जानकारी दी। यह सुनते ही पारसनाथ बोल पड़े, क्या यह सही है? टिकट मिलने की बात पर उन्हें भरोसा दो घंटे बाद हो सका। फिर कहा कि इसकी कल्पना नहीं की जा सकती, लेकिन पार्टी छोटे कार्यकर्ताओं का भी सम्मान करती है। 

विज्ञापन


2 जनवरी 1955 को जन्मे पारसनाथ राय मनिहारी ब्लॉक के सिखड़ी निवासी हैं। वह शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के करीबियों में हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे आशुतोष राय 2014 में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इस वक्त भाजपा संगठन में काम कर रहे हैं। है। छोटे बेटे आशीष राय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं।
विज्ञापन


भाजपा से टिकट मिलने पर पारसनाथ राय ने खुशी जताई और कहा कि बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजार रहे थे। पंडित मदन मोहन मालवीय सिखड़ी इंटर कॉलेज में कक्षा सात के विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ा रहा था। इसी बीच भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह का फोन आया। जिलाध्यक्ष ने ही प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी दी। हालांकि मुझे दो घंटे तक विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद घर आए और पहले से तय कार्यक्रम के चलते जिला स्तर पर आयोजित संघ की बैठक में चले गए। जब बधाइयां मिलने लगी, तब वास्तव में टिकट मिलने का विश्वास हुआ। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई थी। न ही कभी टिकट मांगा था, लेकिन भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल रखती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें