शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले के निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला कराने के लिए दूसरे चरण की लॉटरी निकाल दी गई है। गरीब परिवार के बच्चों के नर्सरी एवं कक्षा एक में प्रवेश के लिए दूसरे चरण में 1331 आवेदन आए थे। इनमें से 1191 आवेदन पात्र पाए गए। इसमें 674 बच्चों की लाटरी निकाली गई। आवंटित सीटों पर 17 अप्रैल तक प्रवेश लिए जा सकेंगे।
पहले चरण में कुल 1914 आवेदन फार्म पड़े थे जिसमें 416 आवेदन फार्म निरस्त कर दिए गए थे। शेष 1498 पात्र विद्यार्थियों की लाटरी निकाली गई जिसमें 905 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिया गया। 593 विद्यार्थियों को स्कूल नहीं मिल सका। दूसरे चरण में चेतावनी के बावजूद कई आवेदन फार्म रद्द किए गए। इसके पीछे फार्म ढंग से न भरे जाने, त्रुटियां होने और जरूरी कागजात न होने जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
जिले के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर मुफ्त दाखिला दिया जाना है। दो चरणों की लॉटरी होने के बाद तीसरा चरण 15 अप्रैल से आठ मई तक चलेगा। नौ मई से 15 मई तक प्राप्त आवेदन फार्मों का सत्यापन होगा और 16 मई को लॉटरी निकाली जाएगी। अंतिम और चौथे चरण के आवेदन एक जून से 20 जून तक होंगे। जबकि 21 से 27 जून तक सत्यापन होगा और 28 जून को लॉटरी निकाली जाएगी।
इसके बाद सात जुलाई तक प्रवेश लिए जा सकेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिला के लिए दूसरे चरण की लॉटरी निकाली गई है। चयनित बच्चों का अनुमोदन होने के बाद उनका दाखिला कराया जाएगा।