Ghazipur News: गाजीपुर जिले के 11 गांवों में दिव्यांग बच्चे मिलने के मामले में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। लापरवाही पर 11 गांवों के सचिव निलंबित होंगे। वहीं इन गांवों में पानी की भी जांच होगी।
गाजीपुर जिले के ब्लॉक सदर, मनिहारी व देवकली के 11 गांवों में मिले दिव्यांग 43 बच्चों के मामले में जिलाधिकारी ने लापरवाही पर संबंधित गांवों के सचिवों को निलंबित करने के आदेश बीडीओ को दिए हैं।
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जांच में पता चला कि कई पीड़ितों के न तो आधार कार्ड बने हैं और न ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सभी बीडीओ को पीड़ित परिवारों के आधार कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा गया है। इन गांवों के पानी की भी जांच कराई जाएगी।
बहादीपुर, हरिहरपुर, हाला, शिकारपुर, धारीकला, तारडीह, भौरहा, बुढ़नपुर, राठौली सराय, खिजीरपुर और खुटहन गांव के 43 बच्चे बुखार आने के बाद दिव्यांगता का शिकार हो गए है। अमर उजाला ने 20 जनवरी के अंक में 'बुखार के बाद 43 हुए दिव्यांग, इनकी उम्र 14 माह से 22 साल के बीच' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
खबर छपने के बाद डीएम अविनाश कुमार ने सीएमओ डॉ. एसके पांडेय को दिव्यांग बच्चों की जिला स्तर इलाज कराने और जरूरत पर हायर सेंटर भेजने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि दिव्यांग बच्चों की मेडिकल हिस्ट्री देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी की वजह की जांच-पड़ताल कर रहा है।