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Bus Fire: पायल-बिछिया और टॉप्स से हुई मृतकों की पहचान, शव देख पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की भी कांप गई रूह

Wed, 13 Mar 2024 09:53 AM IST
प्रगति चंद अंकुर शुक्ला, गाजीपुर।

सार

Ghazipur Bus Fire: शादी समारोह के लिए जा रहे लोगों की बस में आग लगने से जिन महिलाओं की जलकर मौत हुई थी, उन महिलाओं की पहचान उनके गहनों से की गई। परिजनों ने किसी की पायल, बिछिया तो किसी के कान के टॉप्स से शव का शिनाख्त किए।
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Ghazipur bus fire news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के महाहर मंदिर से 400 मीटर दूर बस पर टूटकर गिरी हाईटेंशन तार से जलकर चार महिलाओं और एक बस चालक की मौत हुई थी। हादसे के बाद देर शाम तक मोर्चरी हाउस में शिनाख्त के लिए परिजन पहुंच रहे थे।

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मृतकों की पायल, बिछिया, टॉप्स, कंगन और मंगलसूत्र से पहचान कर परिजन दहाड़े मारकर बिलख उठे। देर रात करीब तीन बजे तक पांचों शवों का तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। वहीं मृत चार शवों के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल सुरक्षित किए गए। देर रात बस चालक का परिजनों ने श्मशान घाट पर अंतिम कर दिया। जबकि अन्य शवों को शव वाहन से उनके घर तक पहुंचाया गया।

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हादसे की जानकारी होते ही पोस्टमार्टम टीम ने तैयारियां पूरी कर ली। इधर, पुलिस प्रशासन की टीम शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए कागजी कार्रवाई में जुट गई। रात करीब 10.30 बजे तक तीन शव पोस्टमार्टम हाउस आ गए थे, लेकिन पुलिस की कागजी कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी थी। 

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पोस्टमार्टम के दौरान शव देख डॉक्टरों की भी कांप गई रूह

Ghazipur bus fire news - फोटो : अमर उजाला
इधर, मर्चरी हाउस में रखे दो शव पूरी तरह से जल चुके थे, शिनाख्त होने पर पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जिला और पुलिस प्रशासन की देखरेख में रात करीब 11.30 बजे डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम शुरू किया। पोस्टमार्टम रात करीब तीन बजे तक चलता रहा है। शवों का पोस्टमार्टम कर रहे डॉक्टरों की भी रूह कांप उठी। इस दौरान बस चालक जगरनाथ यादव की पूर्णत: शिनाख्त होने पर सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए नहीं रखा गया। शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। 

गंभीर रूप से जली चार महिलाओं के शव की शिनाख्त तो परिजनों ने पायल, बिछिया, टॉप्स, कंगन और मंगलसूत्र से किया, लेकिन एहतियातन डॉक्टरों की टीम ने डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल सुरक्षित करने के साथ जांच के लिए पुलिस प्रशासन की टीम को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद महिलाओं के चारों शवों को शव वाहन से उनके पैतृक गांव भेजा गया। इस दौरान उच्चाधिकारी पल- पल की जानकारी लेने के साथ दिशा- निर्देश देते रहे।
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