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Bus Fire: मरने से पहले कईयों की जान बचा गया बस चालक, करंट लगते ही चिल्लाया भागो- भागो...

Wed, 13 Mar 2024 08:48 AM IST
प्रगति चंद रजनीकांत पांडेय, मऊ।

सार

Ghazipur Bus Fire News : गाजीपुर जिले में महाहर धाम के पास बस में आग लगने से ड्राइवर समेत पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोगों की जान बच गई। इसकी वजह रहा ड्राइवर, जो सबसे पहले करंट की चपेट में आया था। उसने करंट की जद में आते ही लोगों को भागने का संकेत दे दिया था।

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Ghazipur Bus Fire News - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के महाहर मंदिर के पास हाईटेंशन तार की जद में आने से मऊ जिले के दो गांवों के एक पुरुष और चार महिलाओं की मौत हो गई। इसमें दो शवों का अंतिम संस्कार परिजनों ने सोमवार की रात ही पोस्टमार्टम के बाद गाजीपुर में कर दिया, वहीं तीन शव पोस्टमार्टम के बाद खिरिया गांव पहुंचे, जहां रीतिरिवाज से उनका अंतिम संस्कार परिजनों ने किया। हादसे में मृत चारों महिलाएं खिरिया गांव की थीं, जो कि नंदू की पड़ोसी थीं। वह अन्य लोगों के साथ नंदू की बेटी खुशबू की शादी में शामिल होने के लिए बस में सवार थीं।

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अमर उजाला की टीम मंगलवार को घटना के दूसरे दिन खिरिया गांव पहुंची। यहां टीम को मुहम्मदाबाद गोहना एसडीएम हेमंत कनौजिया और नायब तहसीलदार द्वारा पांचों मृतकों के साथ घायलों का सत्यापन करते दिखे, जिससे जल्द से जल्द यह रिपोर्ट गाजीपुर प्रशासन को भेजकर मुआवजा की राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा सकें। 

 



इस दौरान बस हादसे में मृत कालिंदी के घर पहुंचकर अमर उजाला ने हादसे के समय मृतका कालिंदी के साथ सुरक्षित बची उसकी छोटी बेटी खुशी से बातचीत की। खुशी ने बातचीत करते हुए बताया कि हादसे के समय बस मंदिर की तरफ मुड़ रही थी, लेकिन मेला होने के चलते मौजूद पुलिसकर्मियों ने बस को उस तरफ से आने के लिए रोक दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में बस से लोग उतर गए, जबकि बस में वह और उसकी मां कालिंदी सहित 15 के करीब लोग बैठे थे। जिसके बाद बस चालक जगरनाथ किसी के कहने पर बस को मंदिर के करीब पहुंचाने के लिए दूसरे रास्ते से ले जाने लगा।

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बस ड्राइवर ने भागो भागो की दी थी आवाज

इस बीच हाईटेंशन तारों की जद में आने से सबसे पहले बस चला रहा जगरनाथ जद में आया। जहां उसने करंट से तड़पते हुए सवार लोगों को बस से जल्द उतरने के लिए भागो भागो की आवाज दी। आवाज सुनते ही चालक के बगल वाली सीट पर बैठी खुशी की मां ने उसे भागने के लिए कहते हुए आगे के दरवाजे से निकलने की कोशिश की, लेकिन वह निकल नहीं सकी। वहीं खुशी खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई।
 
मां की बनारसी साड़ी से की पहचान 
हादसे में मृत कालिंदी की बड़ी बेटी ज्योती जो घटना के समय अपने चाचा गांधी के साथ स्कूटी से बस के पीछे- पीछे जा रही थी। उसने बताया कि हादसे के बाद वह अपनी मां-बहन को खोज रही थी। छोटी बहन को सुरक्षित पाकर वह खुश थी, लेकिन एक शव को देखकर वह खुद का संयम खो बैठी। क्योंकि वह उसकी मां थी, जिसकी पहचान उसने उसकी हरी बनारसी साड़ी से की, जिसे उसने बड़े अरमान से पहनाकर इस शादी में शामिल होने के लिए भेजा था

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