देवकली। ब्लाक मुख्यालय पर बनाया जा रहा 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब तक अधूरा पड़ा हुआ है। करीब दो करोड़ की लागत से बनने वाले इस अस्पताल को 2014 में ही पूरा हो जाना था। धीरे-धीरे यह भवन खंडहर की ओर तब्दील हो रहा है।
पूर्व के भाजपा शासनकाल में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रामबाबू हरित के प्रयास से इस अस्पताल का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद, इसका निर्माण शुरू कर दिया गया। बसपा एवं सपा की सरकारें आई तो यह मामला एनएचआरएम घोटाले की भेंट चढ़ गया। इस पर न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही शासन द्वारा ही चालू करने की पहल की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के समय आश्वासन दिया गया कि सन 2014 में चालू कर दिया जायेगा। चालू करना तो दूर रहा 2020 तक भवन ही अधूरा है। जिस समय केंद्र का निर्माण शुरू हुआ ब्लाक के नागरिकों को विश्वास था कि इसके बन जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अधूरा भवन ब्लाक मुख्यालय की शोभा बढ़ा रहा है। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही थी परंतु ध्यान न दिए जाने से क्षेत्र की जनता निराश है। भवन के चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं। भवन खंडहर के रूप में तब्दील होने की ओर बढ़ रहा है। शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस संबंध में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। इसके लिए कौन दोषी है। कब तक अधूरा कार्य पूरा होगा, इसकी जानकारी देने के लिए कोई तैयार नहीं है। सपा विधायक सुभाष पासी सैदपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में चालू कराने के मुख्य मुद्दा बनाया था। उनका पैतृक गांव डिहिया कुछ ही दूरी पर है। दो बार विधायक बनने के बाद उन्होंने भी कोई खोज खबर नहीं लिया। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि जल्द से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधूरे कार्य को पूरा करा कर अस्पताल को चालू किया जाए।