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Ghazipur News: गंगा ने पार किया चेतावनी बिंदु, 61.690 मीटर पहुंचा जलस्तर

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गाजीपुर। उफनाई गंगा ने मंगलवार को चेतावनी बिंदु पार कर दिया। तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा का जलस्तर दोपहर बाद केंद्रीय जल आयोग के गेज पर 61.600 मीटर दर्ज किया गया। जबकि जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। माना जा रहा है कि जलस्तर वृद्धि की यही गति रही तो जल्द ही गंगा 63.105 मीटर के खतरा बिंदु को छू देगी। दूसरी ओर गंगा की बाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों तक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों की धड़कन बढ़ गई है।
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लहुरी काशी में इस बार गंगा की बाढ़ का तेवर पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आक्रामक है। आजादी के बाद से अब तक अगस्त और सितंबर में जो स्थिति देखने को मिलती थी, वह जुलाई के मध्य में ही आ गई है। पिछले वर्ष 16 जुलाई को दोपहर बाद तीन बजे तक नदी का जलस्तर 55.500 मीटर पर था, जो कि सामान्य जल स्तर से 4.406 मीटर दूर ही था लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट है। मंगलवार को नदी की जलधारा तीन सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि और फैलाव दोनों रहा।
जनपद में अब तक 25 साल में 23 बार बाढ़ आ चुकी है। इस बार लोग 2016 की विनाशकारी बाढ़ को याद करने लगे हैं। क्योंकि पिछले वर्ष 17 जुलाई को 55.430 मीटर पर नदी का जल स्तर था, जिसके दो वर्ष लगातार नदी का अधिकम जल स्तर 61.670 मीटर पर पहुंचा था और उससे 92 गांव प्रभावित हुए थे। जबकि बुधवार को अपराह्न तीन च बजे तक नदी का जल स्तर 61.600 मीटर पर पहुंच गया है, जिससे अगस्त और सितंबर में बढ़ने वाले जलस्तर को लेकर लोग चिंतित हैं, क्योंकि नगदीलपुर, हसनपुरा, बीरउपुर गांव पानी से घिर गया था। आपदा विभाग विशेषज्ञ अशोक कुमार के मुताबिक पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण विभिन्न डैमों से पानी छोड़ा गया है, जिसका असर गंगा में देखा जा रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार हो जाएगा।
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जिला मुख्यालय से गंगा पार रेवतीपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से पसरता है। वर्ष 2022 में बाढ़ से रेवतीपुर क्षेत्र में तबाही हुई थी। अठहठा गांव के पास बाढ़ के पानी में नाव डूबने के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर, हसनपुरा, बीरउपुर, अठहठा, नसीरपुर, रामपुर, नरायणपुर, यादव का पुरा आदि गांव बाढ़ ग्रस्त की श्रेणी में आते हैं।
गाजीपुर। शेरपुर के मुबारकपुर मौजे से लेकर गहमर सिवान तक एक किलोमीटर के अंदर कटान शुरू हो गई है। गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ाव के कारण बुधवार को लगभग छह बिस्वा कृषि योग्य भूमि गंगा में समा गई। वही गंगा के किनारे रेत पर शेरपुर एवं नगदीलपुर गांव के किसानों की 100 बीघा परवल की फसल बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। परवल की खेती करने वाले शेरपुर, मुबारकपुर एवं नगदीलपुर के किसान बृज बिहारी राय, निरंजन राय, बेचू चौधरी, सुदामा यादव, सनोज चौधरी नागा चौधरी आदि ने बताया कि पेशगी (पोत) पर लेकर खेती की थी। बाढ़ के कारण बची परवल की फसल भी गंगा नदी में समा गई।
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