जमानिया। बिहार को जोड़ने वाले ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-124सी) के करीब 38 किलोमीटर लंबे हाईवे की विशेष मरम्मत एवं सुंदरीकरण के लिए छह महीने पहले 40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।
टेंडर की प्रक्रिया भी पूरा कर ली गई है। इसके बावजूद विभागीय उदासीनता के कारण मरम्मत का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थिति बदहाल होती जा रही है।
करीब 245 करोड़ रुपये की लागत से छह वर्ष पहले सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) तकनीक से बने इस हाईवे की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह स्लैब टूट चुके हैं और जॉइंट्स में दरारें आ गई हैं।
इससे न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सड़क पर सफर करना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाईवे से हर रोज सैकड़ों छोटे-बड़े लोडेड वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद एनएचएआई के अधिकारी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं। 2023 में एनएचएआई ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को इस हाईवे की विशेष मरम्मत और देखरेख के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसे नवंबर 2024 में मंजूरी मिली और बजट आवंटित होते ही टेंडर की प्रक्रिया भी पूरा कर ली गई।
इसमें देरी से स्थानीय लोगों और राहगीरों में नाराजगी है। बरसात का मौसम शुरू होते ही मरम्मत का कार्य और कठिन हो जाएगा। एनएच-124सी के अवर अभियंता अमित यादव ने बताया कि इस कार्य के लिए सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।