कासिमाबाद तहसील के रामगढ़ निवासी रिंकू अर्द्धसैनिक बल में जवान हैं। उनकी पत्नी बबिता यादव ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया। इसके लिए उन्होंने भी अपनी वार्षिक आय 46 हजार रुपये से कम दिखा गया। इसी तरह मनिहारी ब्लाक के धुरैरा निवासी विजय प्रताप रेलवे में ग्रुप डी में संवर्ग के कर्मचारी हैं। उनकी पत्नी पूजा ने भी आंगनबाड़ी के लिए आवेदन किया, जिनकी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई। इसी तरह जलालबाद निवासी एक महिला ने कम वार्षिक आय वाले प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया, जबकि शिकायत हुई की उसका पति पुलिस में तैनात है। जांच कराई गई तो सत्यता मिली।
सैदपुर तहसील क्षेत्र के दादरा दरबेपुर गांव की अप्सरा अंसारी ने भी ऐसा ही खेल किया। उन्होंने 46 हजार से कम आया दिखाते हुए प्रमाण पत्र लेखपाल से जारी करा लिया। आंगनबाड़ी पद पर नियुक्ति होने की सूचना पर लोगों ने शिकायत की तो सच्चाई सामने आई। हालांकि उनकी नियुक्ति होल्ड कर दी गई। वहीं, सैदपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बडवाल ने जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपाल शिवकरण यादव को निलंबित कर दिया।
कटैला ग्राम पंचायत की प्रधान पूनम ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया था। उनके शिकायत की जांच कराई गई तो उनकी भी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई थी। हालांकि आवेदन निरस्त कर दिया गया।
कासिमाबाद तहसील के रामगढ़ निवासी रिंकू अर्द्धसैनिक बल में जवान हैं। उनकी पत्नी बबिता यादव ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया। इसके लिए उन्होंने भी अपनी वार्षिक आय 46 हजार रुपये से कम दिखा गया। इसी तरह मनिहारी ब्लाक के धुरैरा निवासी विजय प्रताप रेलवे में ग्रुप डी में संवर्ग के कर्मचारी हैं। उनकी पत्नी पूजा ने भी आंगनबाड़ी के लिए आवेदन किया, जिनकी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई। इसी तरह जलालबाद निवासी एक महिला ने कम वार्षिक आय वाले प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया, जबकि शिकायत हुई की उसका पति पुलिस में तैनात है। जांच कराई गई तो सत्यता मिली।
अब तक केवल एक लेखपाल हुई कार्रवाई
सैदपुर तहसील क्षेत्र के दादरा दरबेपुर गांव की अप्सरा अंसारी ने भी ऐसा ही खेल किया। उन्होंने 46 हजार से कम आया दिखाते हुए प्रमाण पत्र लेखपाल से जारी करा लिया। आंगनबाड़ी पद पर नियुक्ति होने की सूचना पर लोगों ने शिकायत की तो सच्चाई सामने आई। हालांकि उनकी नियुक्ति होल्ड कर दी गई। वहीं, सैदपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बडवाल ने जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपाल शिवकरण यादव को निलंबित कर दिया।