अब गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों को डायलिसिस कराने को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में पांच और नई मशीन जल्द ही स्थापित होगी। इससे मशीनों और बेड की संख्या जहां 15-15 हो जाएगी। वहीं 100 मरीज लाभान्वित होंगे। प्रतीक्षा सूची से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान समय में 10 मशीन पर 68 मरीज निर्भर हैं। जबकि प्रतिदिन 30 मरीजों का डायलिसिस हो रहा है। नई मशीन से किडनी मरीजों को सहूलियत होगी।
हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह के अलावा इन्फेक्शन का उचित उपचार न मिलने की स्थिति में गुर्दा रोग की चपेट में मरीज आ रहे हैं। स्थिति यह है कि किडनी से पीड़ित मरीजों को डायलिसिस की आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गैर प्रांतों एवं जनपदों तक दौड़ लगानी पड़ रही है। वजह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट में मरीजों की संख्या पहले से ही अधिक है। यहीं नहीं 12 मरीज यूनिट के वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। ऐसे में प्रतीक्षा सूची में शामिल और अन्य किडनी के मरीजों को डायलिसिस के लिए 2200 से 2500 रुपये तक एक बार में सिर्फ डायलिसिस के लिए प्राईवेट संस्थानों में करना पड़ता है। जबकि दवा और आवागमन का खर्च अभी शेष है, जो उनके जेब पर सीधा असर डालता है। गुर्दा मरीजों की परेशानी को देखते हुए पांच नई मशीनों को स्थापित कराने और बेड बढ़ाने की कवायद तेज कर दी गई है।