अब अगलगी की घटना होने पर सैदपुर तहसील क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय
से आने वाली फायर ब्रिगेड की राह नहीं निहारनी पड़ेगी। सरकार सेहमलपुर में
अग्निशमन केन्द्र का निर्माण कराने जा रही है। करीब पौने 5 करोड़ की लागत
से बनने वाले इस केन्द्र में अग्निशमन से संबंधित सुविधाएं तो होंगी ही
इसके साथ ही प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों का भी निर्माण कराया जाएगा।
केेन्द्र बनने से अगलगी से होने वाली अब जन-धन की बड़ी हानि को रोका जा
सकेगा।
करीब 37 लाख की आबादी वाले इस जिले में पांच तहसीलें हैं। जिला
मुख्यालय पर पुलिस लाइन के पास अग्निशमन केन्द्र की स्थापना की गई है जबकि
अन्य तहसीलों पर कामचलाऊ व्यवस्था के सहारे आग की घटनाएं रोकने की कवायद की
जा रही है। जिले में वैसे तो आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रही हैं लेकिन
गर्मी आते ही इन घटनाओं की बाढ़ सी आ जाती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों
में होने वाली घटनाओं पर काबू कर पाना मुश्किल हो जाता है।
बीते वर्षों में
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आग की घटनाओं में जन-धन की बड़ी हानि हो
चुकी है। आग की छोटी घटनाओं में तो किसी तरह काबू कर लिया जाता रहा है
लेकिन बड़ी घटना होने पर जिला मुख्यालय से आने वाले दमकल की राह निहारनी
पड़ती रही है। सैदपुर तहसील क्षेत्र में बीते वर्षों में आग लगने की कई
घटनाओं में लोगों को काफी क्षति उठानी पड़ी है। इसी क्रम में सरकार सैदपुर
में अग्निशमन केन्द्र का निर्माण कराने जा रही है।
4 करोड़ 73 लाख की लागत
से सेहमलपुर गांव के पास बनने वाले इस केन्द्र में अग्निशमन से संबंधित तो
सुविधाएं रहेंगी ही प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों का भी निर्माण कराया जाएगा।
इसके अलावा पंपगृह, ओवरहेड टैंक आदि सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।
अग्निशमन केन्द्र के निर्माण के लिए शासन की तरफ से कार्यदायी संस्था उत्तर
प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को 1 करोड़ 86 लाख की धनराशि उपलब्ध करा दी
गई है। अगले महीने से निर्माण की कवायद शुरू हो जाने की संभावना है।
अग्निशमन
केन्द्र के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। तकनीकी स्वीकृति
का इंतजार है। तकनीकी स्वीकृति मिलते ही निर्माण का कार्य शुरू कराया
जाएगा।
मनोज कुमार, अवर अभियंता, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद
विभिन्न प्रकार के होंगे आवास
सैदपुर
के सेहमलपुर में बनने वाले अग्निशमन केन्द्र में कर्मचारियों के लिए
आवासीय भवनों का भी निर्माण कराया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के आवास
होंगे। टाइप-1 स्पेशल के 16 आवास, टाइप-1 सामान्य के 3, टाइप-2 के 5 तथा
टाइप-3 के 2 आवासों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा चहारदीवारी का भी
निर्माण कराया जाना है।