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जनसाधारण एक्स. के इंजन में लगी आग

Thu, 21 May 2015 11:48 PM IST
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
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जमानिया रेलवे स्टेशन के डिगरी नहर पुलिया के पास करीब सवा छह बजे अप जनसाधारण एक्सप्रेस के इंजन में आग लग गई। इससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। ट्रेन के चालक ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता न मिलने पर ट्रेन रोक दी और पैनल रूम को सूचना दी। इसके बाद इंजन को बोगियों से अलग कर दिया। रात तकरीबन नौ बजे तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। दमकल कर्मी सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे थे।
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जनसाधारण एक्सप्रेस अप राजेन्द्र नगर से आनंद विहार जा रही थी। ट्रेन शाम 6:19 बजे जमानिया से होकर गुजर रही थी, इसी बीच चालक को इंजन से धुआं निकलता दिखा। इस पर उसने गति धीमा कर दिया। गाड़ी जैसे ही डिगरी नहर पुलिया के पास पहुंची, इंजन से लपटें निकलने लगीं। चालक एके अगिभनहोत्री और सह चालक हिमांशु शेखर ने अगिभनशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया। जब कामयाब नहीं हुए तो ट्रेन रोकते हुए पैनल रूम को जानकारी दी।

 पैनल रूम ने इस घटना से दानापुर कंट्रोल को अवगत कराया। गाड़ी रुकने के बाद मौके पर पहुंचे रेल कर्मियों और चालक ने ट्रेन में सवार यात्रियों को नीचे उतरवाया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि ऊपर लगा ओवर हेड वायर टूट कर गिर गया। हालांकि इससे पहले आपूर्ति बंद करा दी गई थी। घटना की जानकारी दमकल कर्मियों को दी गई लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे थे।
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उधर पीछे से आ रही माल गाड़ी को स्थानीय स्टेशन पर रोककर उसका इंजन निकाल कर जनसाधारण की बोगियों को खींचकर अलग किया गया। इस दौरान अप और डाउन लाइन की ट्रेनों को जहां तहां रोक दिया गया। बताया गया है कि अपर इंडिया को भदौरा, पटना-मुगलसराय को दिलदारनगर में रोक दिया गया। घटना की जानकारी पाकर उपजिलाधिकारी कैलाश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना के चलते यात्रियों के साथ ही स्टेशन में मौजूद लोगों में अफरातफरी मची रही। स्टेशन प्रबंधक बी सिंह ने बताया कि इंजन में लगी आग की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।


घंटों परेशान रहे यात्री
जमानिया। स्टेशन से जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन के आगे बढ़ते ही 6:19 पर इंजन में लगी आग के चलते यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। इंजन को बोगियों से अलग करने के बाद यात्री आसपास पानी के लिए भटकते रहे। सबसे अधिक ट्रेन में सवार महिलाओं और बच्चों को हुई। रात के पौने नौ बजे तक आग बुझाई नहीं जा सकी थी। इंजन को दूसरी पटरी पर नहीं ले जाया जा सका था, जिसके चलते किसी अन्य इंजन के सहारे यात्रियों को रवाना नहीं किया जा सका।
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