फरवरी में ही गर्म होते मौसम ने अन्नदाताओं को चिंतित कर दिया है। तापमान बढ़ने का प्रतिकूल असर फसलों पर पड़ेगा। विशेष रूप से गेहूं की फसल प्रभावित होगी। दाने पतले होने के साथ ही उपज घटने की आशंका है।
जनपद में 5.71 लाख किसान पंजीकृत हैं। वर्तमान समय में दाे लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। कहीं फसल बढ़ रही है तो दाने भी आ चुके हैं। इधर मौसम के अचानक करवट लेने से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो फरवरी का महीना शुरू होते ही अधिकतम तापमान लगातार 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं के दाने पतले होने से कीमत नहीं मिल पाएगी।