बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई फसलों की क्षतिपूर्ति मुआवजा देने के लिए कृषि विभाग और एंग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सर्वे में आई रिर्पोट के बाद बीमा कंपनी 15 दिनों के अंदर उन्हें का मुआवजा उपलब्ध कराएंगी। किसानों ने अपने बैंक के माध्यम से कृषि विभाग और बीमा कंपनी के पास फसल की क्षतिपूर्ति धनराशि के लिए दावा प्रस्तुत किया था। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गंगा के साथ उफनाई सहायक नदियों के चलते करीब दस हजार बीमित किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है।
नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद में लगभग 40 हजार किसानों ने बीमा कराया है। इसमें करीब दस हजार बीमित किसानों की फसल बाढ़ की पानी में क्षतिग्रस्त हो गई थी। किसानों को फसलों का मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से बैंकों से आंकड़ा मंगाकर ग्रामसभावार आंकड़ा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीमा कंपनी ने अपने स्तर से आंकड़ों को एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है।
इसके लिए जहां कृषि विभाग ने क्षतिग्रस्त फसलों के आंकलन के लिए संबंधित कर्मचारियों को सर्वे के लिए लगा दिया है। वहीं बीमा कंपनी ने भी कार्य शुरू कर दिया। दावा प्रस्तुत करने वाले इन किसानों को क्षतिपूर्ति धनराशि उपलब्ध कराने के लिए बीमा कंपनी की ओर से कृषि विभाग को क्षतिपूर्ति आवेदन पत्र भी उपलब्ध करा दिया गया है। सर्वे रिर्पोट आते ही क्षतिपूर्ति की धनराशि उपलब्ध कराने का कार्य शुरू हो जाएगा।
बीमित किसानों की ओर से क्षतिपूर्ति के लिए किये गए दावे के मुताबिक क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन करने का कार्य शुुरू कर दिया गया है। सर्वे रिर्पोट के आधार बीमित किसानों को 15 दिनों के अंदर बीमा कंपनी की ओर से मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। एके प्रजापति, कृषि अधिकारी