कासिमाबाद तहसील परिसर में अधिकारियों के साथ कासिमाबाद-रसड़ा मार्ग से जुड़े किसानों की सोमवार को बैठक आयोजित हुई। अधिकारियों की ओर से तय मुआवजा को नाकाफी बताते हुए किसानों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग किया।
उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड बलिया ने किसानों को समझाया कि आप लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके बाद किसान शांत होकर वापस गए।
मालूम हो कि कासिमाबाद-रसड़ा मार्ग का धर्मार्थ योजना के अंतर्गत 20 किलोमीटर में फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य शुरु होते ही किसान मुआवजा की मांग करने लगे थे।
सोमवार को तहसील परिसर में किसानों को बुलाया गया था और उन्हें मुआवजा से संबंधित जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा निर्धारित किया गया है।
संतोषजनक बात न होने से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष लल्लन यादव के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करने लगे और उचित मुआवजा की मांग की।
अंत में उप जिलाधिकारी लोकेश कुमार और अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड बलिया कमलाकांत वर्मा ने किसानों को समझाया, तब जाकर किसान शांत हुए।
किसानों की तरफ से जिला उपाध्यक्ष प्रदीप, तहसील अध्यक्ष अमरजीत यादव, सपा नेता अविनाश विद्यार्थी, विनोद, आशीष, नूर मोहम्मद, गोविंद सिंह, गुड्डू खान आदि किसान मौजूद रहे।
तय सर्किल रेट का चार गुना मिलेगा मुआवजा
किसानों की बैठक के बाद जैसे ही अधिकारी अपने कार्यालय में जाने लगे किसान संगठन के नेतृत्व में एक बार फिर किसान रेट को लेकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद एक बार पुनः कासिमाबाद एसडीएम लोकेश कुमार सहित समिति के अधिकारियों के द्वारा तहसील प्रांगण में किसानों को अवगत कराया गया कि वर्तमान में जो सर्किल रेट तय हुआ है उसका चार गुना मुआवजा मिलेगा। वही किसानों का कहना था कि जो दर आज बताई गई है वह 200 एयर से ऊपर का है। वहीं, 70 एयर से कम और 200 एयर तक की भूमि का सर्किल रेट अलग होता है। इसके साथ ही सड़क के किनारे की भूमि का रेट अलग होना चाहिए।