शारदा सहायक खंड 36 की अमुवारा रजवाहा में अब तक पानी नहीं छोड़े जाने के कारण किसानों का गुस्सा आखिरकार शनिवार को फूट पड़ा। सूखी नहर में खड़े होकर किसानों ने विभाग को जमकर कोसा। कहा कि जल्द ही नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे डीएम से मिलकर समस्या की जानकारी देंगे।
शारदा सहायक की नहर जौनपुर के मढ़ी-हिसामपुर से जनपद के मौधा क्षेत्र में प्रवेश करती है। जनपद में प्रवेश करने के बाद नहर अमुवारा और औड़िहार रजवाहा के दो भागों में बंट जाती है। इन दोनों रजवाहों के पानी से लगभग 54 गांवों की पांच हजार कमांड एरिया की भूमि सिंचित होती है, लेकिन हालत यह है कि क्षेत्र के किसानों ने निजी संसाधनों के सहारे धान की नर्सरी लगाने का काम तो किसी तरह कर लिया। जबकि रोपाई का समय समीप आने के बाद भी नहर में अभी तक पानी नहीं छोड़ा जा सका है। इससे किसानों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। वे आक्रोशित हो गए हैं। उनका कहना है कि शारदा सहायक खंड 36 की नहर वर्षों से शोपीस साबित हो रही है। खेतों की सिंचाई के समय इसमें कभी पानी नहीं रहता है। नहर एरिया के किसानों को अपने खेतों में लगी फसलों की सिंचाई के लिए अन्य महंगे संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। रबी या खरीफ की फसलों के समय हर बार किसानों को नहर से निराश ही होना पड़ता है।
शारदा सहायक खंड 36 में पानी छोड़ा जा चुका है। अभी तक इसके जौनपुर जनपद में पहुंचने की जानकारी मिली है। जल्द ही गाजीपुर जनपद में भी इसका प्रवेश होगा।- मनोज कुमार, सहायक अभियंता शारदा सहायक
शारदा सहायक का कार्यालय जिले में न होकर जौनपुर में है। ऐसे में यहां के किसान अपनी समस्याएं उन तक नहीं पहुंचा पाते हैं। सिंचाई को लेकर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। - मनोज यादव
शारदा सहायक में पानी के लिए किसानों को कई बार धरना प्रदर्शन तक करना पड़ा है, लेकिन शारदा सहायक के जिम्मेदार अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ता।- रामप्रकाश
शारदा सहायक नहर में समय से पानी छोड़ने की प्रभावी व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। इससे किसानों को नहर का लाभ मिल सके।- मनोज राजभर
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नहर में पानी नहीं आने से गन्ना और हरे चारे की फसल सूख रही है। कई गांवों में तो नहर में पानी नहीं आने से धान की नर्सरी ही नहीं लगी है।- राजेंद्र यादव