साथ ही सैनिक बाहुल्य गांव गहमर के सीमा पर तैनात जवानों को भी आने-जाने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र की जनता की हित में ट्रेनों के पुनः ठहराव की मांग उचित है। इसमें व्यापारियों का भी हित जुड़ा है। हम इस उचित मांग के समर्थन में है।
लोगों को संबोधित करते हुए सैनिक संगठन के कोषाध्यक्ष शिवानंद सिंह ने कहा कि कोरोना काल का हवाला देकर यह सरकार गहमर के साथ भेदभाव कर रही है। कई बार लोगो द्वारा पत्रक देकर ट्रेन ठहराव को लेकर मांग की गई जो अनसुना कर दिया गया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विमला गुप्ता, पूर्व प्रधान मुरली कुशवाहा सहित क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे।
रेल ठहराव के लिए धरना-प्रदर्शन को समर्थन करते हुए पूर्व पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में जो भी शामिल हो रहा है उसके लिए यह गर्व और सम्मान की बात होगी। गहमर जवानों का गांव है और रेल की सुविधा यहां जल्द बहाल होनी चाहिए।
गहमर में हो रहे रेल ठहराव आंदोलन के तहत जहां हर पार्टी कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि अपने उपस्थिति दर्ज करवा रहा है वहीं बगल में आवास होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक सुनीता सिंह का नहीं पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। यह कार्यक्रम पहले से तय था।
रेल ठहराव संघर्ष समिति के सदस्यों के आवाहन पर स्टेशन परिसर में लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिसमें क्षेत्र के ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य एवं अनेक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने अपनी उपस्थिति की, लेकिन बगल में आवास होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक सुनीता सिंह का इस धरना प्रदर्शन को समर्थन नहीं मिलना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।