गंगा में बाढ़ आने से शहरी इलाका भी इससे अछूता नहीं है। कई मोहल्लों तक पानी पहुंच गया है। शहर में नावें चलने लगी हैं। सड़कों के बाढ़ में डूबने से लोग घरों में कैद हैं। अब जीवनदायनी गंगा राहत देने की जगह लोगों के आफत शुरू कर दी हैं। गंगा के जलस्तर में लगातार आठवें दिन भी बढ़ोत्तरी जारी रही।
सोमवार को नदी एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रही थी। जिलाधिकारी आवास परसिर में पानी फैलने के साथ ही सामने मार्ग पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी के तट पर बसे 237 गांव बाढ़ से घिर चुके हैं। इन गांवों में राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, पीएसी, पुलिस सहित जिला प्रशासन की टीम लगी हुई है। नदी 2013 के रिकार्ड को पार करने के करीब है। इस बार भी लाचारी और बेबसी के बीच भारी तबाही देखने को मिल रही है।
सोमवार को बाढ़ का पानी जिलाधिकारी आवास परिसर में पूरी तरह से पांव पसारने के साथ सामने के कचहरी-विकास भवन मार्ग पर पूरी तरह से फैल गया है। इसके साथ ही झन्नूलाल चौराहा मार्ग पर गंगा का पानी आने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इन मार्गों पर आवागमन करने वालों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। तुलसिया के पुल, स्टीमर घाट के पास दर्जनों मकान बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कई मकानों के अंदर तक पानी घुस गया है, जिससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। नाव के सहारे लोगों का आना-जाना हो रहा है। अगर जलस्तर में वृद्धि नहीं थमा तो देर-सबेर झुन्नूलाल चौराहा के भी दर्जनों मकान पानीसे घिर जाएंगे।
फाक्सगंज स्थित कांशीराम आवास मार्ग पर बाढ़ के पानी आने से अफरा-तफरी मची हुई है। जमानिया संवाददाता के अनुसार कर्मनाशा और गंगा नदी से कुतुबपुर, गायघाट, धुस्का, चेतरुवा बिंद बस्ती, पियरी मुसहर बस्ती, रोहुड़ा, भतौरा खुर्द, टौंगा, परमनंदपुर, बिरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, नकदीलपुर अठहठा, कल्याणपुर, सब्बलपुर भानमल राय, कल्याण चक, दुल्लहपुर सहित करीब 45 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। जमानिया राजकुमार गौतम की माने तो परे तहसील क्षेत्र में बाढ़ से 63 हजार पांच सौ परिवार प्रभावित हैं।
बाढ़ का पानी एनएच-24 पर बहना शुरू हो गया हें। ग्राम देवरिया के बुढवाशंकर जी के पास सड़क पर पानी बह रहा है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र मे अलर्ट कर दिया है कि पानी से घीरे बस्ती के लोग अपने पशुओं सहित सुरक्षित स्थान पर आ जाये। बारा संवाददाता के अनुसार गहमर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गावों में कर्मनाशा का रौद्र रूप अपना आखिरी सीमा पार कर गया है । क्षेत्र के कुत्तुपुर, मगरखाई, हरकरनपुर, दलपतपुर, भतौरा, नोनियाका पुरा आदि गावं चारो तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
इन गावों तक आने-जाने के सारे रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके हैं । सबसे खराब हाल भतौरा ग्रामसभा की हो गयी है ।
इस ग्रामसभा के चित्रकूट राम, बेचन राम, जय प्रकाश राम, राजनारायण राम, श्यामनारायण राम, तिलकु राम, लालन राम, शिवशंकर कुशवाहा, रमाशंकर कुशवाहा, नेतलाल चौधरी, चंद्रिका यादव, सुभाष चौधरी, मुक्ति, मुन्ना राम, शिवनाथ राम, जगदीश यादव, राम जी यादव, सागर यादव, वृजदेव, सुख दयाल, बीरबल राम, दहरी राम, लालजी राम आदि ने रविवार को ही अपना माकन छोड़कर गावं के प्राइमरी स्कूल में शरण लिया। सोमवार को भी लगभग आधार दर्जन घरों के लोग स्कूल में शरण लिए।