जिला जेल में प्राइवेट नंबर से कॉल कराने के मामले की पुलिस-प्रशासन की जांच पूरी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जेल में अवैध पीसीओ चल रहा है। 10 शातिर अपराधियों ने भी मोबाइल फोन पर बात की है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट में जेल अधीक्षक के रीडर की भूमिका संदिग्ध बताई गई। मामले में जल्द ही बड़ी कार्रवाई संभव है।
बिहार में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी विनोद गुप्ता के फोन पर बात करने और पीड़ितों को धमकाने का मामला सही पाया गया। पुलिस-प्रशासन की जांच से पता चला कि विनोद के साथ ही और भी बंदी-कैदियों को मोबाइल फोन पर बात कराई गई है। कई बंदी-कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला सामने आया है। सुविधा लेने वालों को मोटी रकम देनी पड़ती है।