तहसील क्षेत्र के विद्युत निगम के कर्मचारियों ने विद्युत निगम के निजीकरण के खिलाफ सोमवार को पैदल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं, तो उग्र आंदोलन करेंगे।
विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर एकत्र होकर निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उपकेंद्र परिसर से विद्युतकर्मियों का जुलूस मार्च तहसील मुख्यालय, रामलीला मैदान होते हुए उसी मार्ग से उपकेंद्र पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कर्मचारी हाथों में स्लोगन लिखे हाथ में होर्डिंग के साथ निजीकरण के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे।
उपखंड अधिकारी कमलेश प्रजापति ने कहा कि निजीकरण से नौकरियों पर संकट और बिजली दरें महंगी होने से उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इससे प्राइवेट कंपनियों की मनमानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
अन्य कर्मचारियों ने कहा कि सरकार जल्द ही निजीकरण को खत्म नहीं करती है तो बड़े स्तर पर आंदोलन करने के साथ ही आवश्यक सेवाओं को ठप कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में एसडीओ प्रवीण मौर्य, अवर अभियंता इंद्रजीत कुमार, अवर अभियंता शशिकांत पटेल, मनोज मौर्य, विपिन कुमार सहित दर्जनों विद्युतकर्मी शामिल रहे।