आंधी और तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात तो मिली, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार की देर रात आंधी में नगर सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति के लिए लगे पोल और विद्युत तार टूटकर गिर गए। कहीं तकनीकी फाल्ट तो कहीं पोल गिरने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे आपूर्ति ठप हो गई। शनिवार को दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से सुबह पानी की समस्या से जूझना पड़ा। परेशान लोग बिजली विभाग को कोसते रहे। देर रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से नगर के रौजा एवं लोटन इमली की 33/11 केबीए का केबिल आकाशीय बिजली से क्षतिग्रस्त होने से आसपास के क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं से बिजली का पोल और तार टूट गए। दूसरे दिन भी दुरुस्त करने के दौरान विद्युत आपूर्ति के ट्रिपिंग का क्रम जारी रहा। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के भकसी और जोगियामार के पास टूट कर गिरे पोल और तार के चलते क्षेत्र में छह घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इसके चलते देर रात करीब एक बजे से 32 गांव अंधेरे में डूब गए।
नंदगंज संवाददाता के अनुसार देर रात 12 बजे से आपूर्ति ठप हो गई। सुबह आठ बजे विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सुहवल संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में आठ घंटे विद्युत आपूर्ति ठप रही। कमोवेश यही हाल अन्य ग्रामीण इलाकों का भी रहा। जहां तेज हवाओं के चलते विद्युत पोल और तार टूटकर कर गिर पड़े। विभागीय कर्मियों द्वारा काफी प्रयास के बाद दूसरे दिन मरम्मत कराया गया। तब जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। जेई तापस कुमार ने बताया कि आधी पानी के चलते तार और पोल टूटकर गिरने से आपूर्ति ठप रही। दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।