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गाजीपुर: शिक्षा माफिया की सात करोड़ की भूमि कुर्क, जिला प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप

Fri, 19 Nov 2021 04:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

प्रदेश में भू- माफिया और शिक्षा माफिया के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गाजीपुर डीएम मंगला प्रसाद सिंह के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की गई। 
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संपत्ति कुर्क करने पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार भू- माफिया और शिक्षा माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। गाजीपुर जिला प्रशासन ने सदर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर छावनी लाइन निवासी एक शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा की सात करोड़ की भूमि को शुक्रवार को मुनादी के बीच कुर्क करने की कार्रवाई की।

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सदर क्षेत्राधिकारी ओजस्वी चावला ने बताया कि प्रदेश में भू- माफिया और शिक्षा माफिया के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की गई। सदर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर छावनी लाइन निवासी शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा ने अपने पुत्र रमेश कुशवाहा के नाम पर 26 जून 2015 को 1543 रकबा 0.2786 हेक्टेयर भूमि क्रय की थी।

मुनादी के बीच इस जमीन को कुर्क करने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति लगभग सात करोड़ की है। कुर्की की कार्रवाई करने वाली टीम में सदर एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह, तहसीलदार अभिषेक राय, सदर कोतवाली दीपेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार रहे। इस दौरान पुलिस फोर्स मौजूद रही।

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बीते वर्ष अगस्त में भी हुई थी कार्रवाई

जिला प्रशासन के आदेश पर बीते वर्ष अगस्त में राजेंद्र कुशवाहा के भाई पारस कुशवाहा के प्रबंधन वाले शिक्षण संस्थान बुद्धम शरणम इंटर क\लेज, ग्लोरियस पब्लिक स्कूल आदर्श गांव छावनी लाइन के अलावा फत्तेहउल्लाहपुर डिग्री कालेज की बिल्डिंग और दस भूखंड और छह बाइक, चार लग्जरी वाहन कुर्क किए गए थे। वह कार्रवाई भी गैंगेस्टर एक्ट के तहत हुई थी। उन संपत्तियों की कीमत 12 करोड़ 31 लाख 59 हजार आंकी गई थी।
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वर्ष 2016 में कारनामे आए थे सामने

परीक्षा में नकल की सुविधा मुहैया कराकर मनचाहे परिणाम दिलाने का ठेका लेने वाले रैकेट के काले कारनामे का खुलासा वर्ष 2016 में उस समय हुआ था जब पालीटेक्निक की प्रदेश स्तर पर हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षा में उसके विद्यालय के एक ही कमरे के 12 छात्र प्रदेश में टॉप किए थे। जांच के बाद सारा माजरा जब सामने आया तो 28 छात्रों की प्रवेश परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। \\

इस मामले में पारस कुशवाहा सहित अन्य जेल भी भेजे गए थे। उनके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी हुई थी। यही नहीं बुद्धम शरणम इंटर कालेज में हुई टेट परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। यह कार्रवाई एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने की थी। इस दौरान भी पारस कुशवाहा को जेल जाना पड़ा था।
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