बिरनो। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्स-रे टेबुल नहीं होने से प्रतिदिन 15 मरीज बिना एक्स-रे घर वापस लौट रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उच्चाधिकारियों को टेबुल उपलब्ध कराने को लेकर कई बार अधीक्षक द्वारा पत्र भेजा गया। बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बिरनो सीएचसी पर प्रतिदिन 200 मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। इसमें से करीब 15 मरीज हड्डी संबंधित आते हैं। यहां एक्स-रे मशीन और टेक्नीशियन तैनात हैं। जबकि एक्स-रे टेबुल न होने से एक्स-रे कराने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें जिला मुख्यालय पहुंचकर दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। निजी एक्स-रे केंद्रों का चक्कर काटने को विवश हैं। भड़सर निवासी रणजीत ने बताया कि मां के कमर में चोट लग गई थी। उन्हें सीएचसी लाकर उपचार कराया गया। चिकित्सक ने एक्स- रे कराने को कहा। जब मरीज को लेकर एक्स-रे कक्ष पहुंचा तो पता चला कि एक्स-रे टेबुल न होने से एक्स- रे नहीं हो पाया। इसी तरह अन्य मरीज भी वहां खड़े थे, जो कुछ देर इंतजार के बाद वापस लौटना पड़ा। रणजीत ने बताया कि विवशता में मां को एक्स-रे के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर जाना पड़ रहा है। सीएचसी प्रभारी डाॅ. चंद्रेश मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन 200 के पार ओपीडी होती है। करीब 10 से 15 मरीज कमर या पैर में चोट लगने के कारण उपचार को आते हैं। बावजूद इसका उनका एक्स-रे नहीं हो पा रहा है। एक्स-रे टेबल न होने के कारण मरीज को वापस जाना पड़ता है। कई बार लेटर सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखा गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।