संरक्षित पशुओं की तस्करी करने वालों की आय का स्रोत खंगालने में पुलिस जुट गई है। जौनपुर, आजगमढ़, वाराणसी की सीमा पर बैरियर लगाकर चेकिंग करने के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही नदी किनारे के इलाकों को खंगालने के लिए गश्त तेज कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
31 मई को अमर उजाला में गोवंश तस्करों की ग्राउंड रिपोर्ट छपने के बाद पुलिस ने पांच जून को 40 गो-तस्करों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। उनके घरों को खंगालने के साथ परिजनों से पूछताछ भी की थी। इनका नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस ने मिले नंबरों की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी थी।
अब थानावार पुलिस चिह्नित गो-तस्करों की आय का स्रोत खंगालने में लगी हुई है। इन तस्करों के पास अचानक संसाधन कैसे बढ़े हैं। कार, पिकअप के साथ महंगी बाइक किस आय स्रोत से आई, इसकी छानबीन की जा रही है। इनके द्वारा खरीदी गई भूमि सहित अन्य ब्योरा भी जुटाए जा रहे हैं।
पुराने के गो-तस्करों और संदिग्धों की सक्रियता पर भी नजर रखी जा रही है। इस मामले में पुलिस जहां ग्रामीणों से ब्योरा जुटा रही है, वहीं अपने मुखबिरों को भी सक्रिय कर दी है। ताकि इनकी हर हरकत की जानकारी एकत्र की जा सके। करंडा पुलिस ने गंगा के किनारे को खंगालने के लिए गोशंदेपुर उपरवार से जमुआंव तक गई।
इसके अलावा सड़क किनारे और गंगा के किनारे झाड़ियों को भी देखा कि तस्कर मवेशियों को कैसे छिपाते हैं। इसके अलावा मवेशियों को लेकर कैसे और किन रास्ते से लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा संदिग्धों को उठाकर पूछताछ के बाद छोड़ा भी जा रहा है और उनकी सक्रियता पर नजर रखी जा रही है।
इधर रामपुर मांझा पुलिस पूरे दिन क्षेत्र में चक्रमण करती रही। गहमर पुलिस लगातार गंगा और कर्मनाशा के किनारे नजर बनाए हुए है। वहीं खानपुर पुलिस ने उचौरी गांव पर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। जबकि आजगमढ़, जौनपुर और वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों की चेकिंग बैरियर लगाकर की जा रही है।
जिला पुलिस सक्रिय है। चिह्नित गो-तस्करों पर नजर रखी जा रही है। कई इलाकों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। गो-तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। -डाॅ. ईरज राजा, एसपी गाजीपुर
लिंक मार्गों पर बढ़ी गश्त, वाहनों पर खास नजर
बिहार के बक्सर और भभुआ जाने वाले जनपद के विभिन्न लिंक मार्गों पर गश्त बढ़ा दी गई है। चार पहिया वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। गहमर पुलिस के मुताबिक इस इलाके में लोडिंग और अनलोडिंग नहीं होती। बिहार से सटा इलाका होने के कारण आवागमन ज्यादा रहता है। ऐसे में सीमा के अलावा लिंक मार्गों को चिह्नित कर जगह-जगह पुलिस चेकिंग कर रही है।