अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं है। अब लोगों को डीएल के लिए सेंसरयुक्त ट्रैफिक ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। इसके लिए बिराईंच में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाए गए हैं। ड्राइविंग ट्रैक पर कुछ 56 कैमरों की निगरानी में 4 स्टेप में टेस्ट होगा।
निजी क्षेत्र में संचालित होने वाले 9 प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र ( एडीटीसीएस) गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, हरदोई, पीलीभीत, गाजियाबाद, रामपुर, आगरा, सहारनपुर और गाजीपुर बन रहे हैं। जिले में ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। जहां किसी को भी ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए टेस्ट से गुजरना होगा।
आवेदक को पहला टेस्ट पैरलर पार्किंग, दूसरा टेस्ट ग्रेडियेंट (ओबरब्रिज), तीसरा टेस्ट 8 शेप और चौथा टेस्ट एस शेप में गाड़ी को बैक करके पास करना होगा। हालांकि यह किसी भी नए वाहन चालक के लिए कॉफी कठिन होगा। ड्राइविंग टेस्ट एआरटीओ/आरआई की निगरानी में होगा।
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जिले में इस ट्रैक को तेज सिंह मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटे़ड ने अंधऊ के पास बिराईच में 2 एकड़ में बनाया है। इसमें ड्राइविंग सेमुलेटर के अलावा लर्निंग टेस्ट देने के लिए लैब, नए विद्यार्थियों को समझाने, पढ़ाने के लिए वर्कशॉप, क्लास रूम के अलावा ड्राइविंग ट्रैक भी बनाए गए हैं।
संस्था के डॉयरेक्टर अरविंद सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत परिवहन विभाग के प्रोत्साहन से संस्था की ओर से यह विद्यालय बनाया गया है।ड्राइविंग के क्षेत्र में पूर्वांचल के सभी जिलों के अतिरिक्त बिहार और छत्तीसगढ़ में काम कर रही है।
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संस्था का मुख्य उदेश्य सड़क दुर्घटना में कमी लाने के साथ-साथ ड्राइविंग के क्षेत्र अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट एआरटीओ या आरआई की निगरानी में होगा। व्यवस्था जल्द लागू होगी।