गाजीपुर। यातायात नियमों का अनुपालन कराना सिर्फ आम जनता तक नहीं, बल्कि रोडवेज पर भी प्रभावी किया जाएगा। अब तक सिर्फ क्षमता से अधिक सवारी बिठाने पर ओवरलोडिंग में ही इनका चालान होता रहा, लेकिन अब चालकों के सीट बेल्ट न लगाने पर यातायात पुलिस की सख्ती रहेगी। यातायात प्रभारी की तरफ से इससे एआरएम को अवगत भी करा दिया गया है।सड़क पर यातायात नियमों का उल्लंघन कर दौड़ रहीं रोडवेज बसों पर अब नकेल कसी जाएगी। कार व अन्य वाहनों में सीट बेल्ट की अनिवार्यता प्रभावी है, लेकिन रोडवेज चालक सीटबेल्ट लगाए बिना ही रूट पर दिखते हैं। गाजीपुर डिपो में 87 रोडवेज बसों का संचालन है, लेकिन स्टेयरिंग थामने वाले चालक यातायात नियमों को धता बताते हुए बिना सीटबेल्ट के बसों का संचालन करते हैं। उनके द्वारा लोकल रूट पर तो अनुपालन की जरूरत नहीं समझी जाती। सिर्फ लखनऊ व प्रयाग रूट पर जाने वाले चालक ही बड़े शहरों में पहुंचने पर कार्रवाई से बचने के लिए सीटबेल्ट बांध लेते हैं, लेकिन अब यह नहीं चलने वाला। अब लोकल रूट पर भी बिना सीट बेल्ट चालक मिलते हैं,तो यातायात पुलिस चालान करेगी। यह जुर्माना डिपो नहीं बल्कि चालक भरेंगे, क्योंकि नियमों के अनुपालन की चेतावनी एआरएम ने डिपो के सभी वाहन चालकों को दे दी है।
सभी रोडवेज चालकों को यातायात नियमों का अनुपालन व सीट बेल्ट की अनिवार्यता के बारे में चेतावनी दी जा चुकी है। फिर भी नियम तोड़ते हैं तो जुर्माना खुद भरेंगे। - वीके पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
रोडवेज बसों में चालकों के सीट बेल्ट न उपयोग किए जाने की शिकायत मिल रही थी। एआरएम को इससे अवगत करा दिया गया है। बिना सीट बेल्ट के बस चलाते मिलते हैं तो जुर्माना लगाकर चालकों से वसूला जाएगा। - मनीष त्रिपाठी, यातायात प्रभारी