ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पर टोटी विहीन पेयजल बूथ। संवाद
सुहवल। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किए गए दानापुर मंडल के अंतर्गत स्थित ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
रेलवे की ओर से बनाए गए पेयजल बूथ और हैंडपंप केवल दिखावा बनकर रह गए हैं। मार्च 2024 से ट्रेनों का संचालन शुरु होने के बावजूद स्टेशन पर पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है।
परिसर में बनाए गए दोनों आधुनिक पेयजल बूथ पिछले तीन वर्षों से बिना टोटियों के निष्क्रिय पड़े हुए हैं। प्लेटफार्मों पर स्थापित अधिकांश हैंडपंप भी खराब हैं।
स्टेशन पर मौजूद यात्री आदर्श सिंह, अन्नू, मोनू, चंदन सिंह, अमर, अशोक और ऋषि सहित अन्य ने बताया कि रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफाॅर्म संख्या एक और दो पर आधुनिक पेयजल बूथ स्थापित किए थे। इसके साथ ही प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर हैंडपंप भी लगाया गया था, लेकिन रखरखाव और निगरानी के अभाव में ये सभी सुविधाएं धीरे-धीरे बेकार हो गईं।
स्टेशन मास्टर राजेश कुमार ने बताया कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत और पेयजल बूथों में टोटियां लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अधिकारियों की तरफ से जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर पेयजल आपूर्ति शुरु कराने का आश्वासन दिया गया है। संवाद
ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पर टोटी विहीन पेयजल बूथ। संवाद