ग्रामीणों में चर्चा है कि जिम्मेदार डॉक्टर के द्वारा ड्यूटी को लेकर शिफ्टवार सूची बनाई गई थी। बावजूद इसके यहां आए मरीजों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ रहा है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
छात्र नेता विपुल सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर कोई भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। बताया कि शिकायत सीएमओ सहित जिलाधिकारी से करते हुए सभी दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। चेताया कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।