कासिमाबाद ब्लॉक के सभागार में शनिवार को आयोजित मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी द्वारा फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम का सख्त रवैया चर्चा का विषय रहा।
मरदह विकासखंड के सिंगेरा गांव के एक पीड़ित के प्रार्थना पत्र को देखकर जिलाधिकारी की मातहत अधिकारियों पर त्योरी चढ़ गई। पीड़ित ने पिछले तीन वर्ष से अपने मकान की मरम्मत कराने के लिए ब्लॉक से लेकर जिले तक के अधिकारियों के यहां चक्कर लगाया। यहां तक कि मुख्यमंत्री के दरबार में भी फरियाद कर चुका है। इसको लेकर उन्होंने उप जिलाधिकारी सहित कानूनगो, लेखपाल को जमकर फटकार लगाई। निर्देश दिया कि रविवार को इसके मकान की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाना चाहिए। सैकड़ों फरियादियों के बीच में जिलाधिकारी ने कहा कि अगर हम गरीबों को न्याय नहीं दे पाएंगे तो हम सभी अपने पद पर क्यों बने हैं। इसके बाद जिलाधिकारी के सामने कासिमाबाद विकासखंड के रोहिली ग्राम पंचायत के जितेंद्र सिंह ने खेत में पत्थर गढ़ी नहीं कराए जाने की शिकायत किया। जिलाधिकारी ने पत्रावली मंगाकर अवलोकन किया। इस पत्रावली में उप जिलाधिकारी ने एक बार पत्थर गढ़ी का निर्देश दिया है तो दूसरी तिथि में अपने ही आदेश को निरस्त करते हुए स्थगन आदेश दे दिया है। ऐसे ही एक प्रकरण बंधई ग्राम पंचायत का था। यहां पोखरी की आराजी पर गलत नाम को निरस्त करने की मांग की गई थी। आरोप है कि इसको सात लोगों ने गलत तरीके से अपना नाम दर्ज करा लिया है। जबकि पोखरी सार्वजनिक प्रयोग के लिए है। जिलाधिकारी ने शीघ्र जांच कराकर गलत तरीके से इंद्राज किया गया है तो सभी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सभी तालाबों से अवैध अतिक्रमण हट जाए
कासिमाबाद। जिलाधिकारी ने आधा घंटा तक तहसील के सभी लेखपाल और अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर सभी तालाबों से अवैध अतिक्रमण हट जाना चाहिए। किसी भी विभाग में प्राइवेट कर्मचारी अगर पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
शिकायत पत्र लेकर लौटा दे रहे थे
कासिमाबाद। मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस पर जहां फरियादियों की काफी भीड़ रही। वहीं लेखपाल संघ का एक पदाधिकारी कुछ लेखपालों के साथ ब्लॉक सभागार के मुख्य गेट पर खड़ा होकर फरियादियों के शिकायत पत्र देखकर उन्हें समझाकर लौटाने का काम कर रहा था। ऐसे कई फरियादी रहे जो मरदह थाना क्षेत्र के रहने वाले थे जिसे वह लेखपाल समझा-बुझाकर उनके शिकायत पत्र को लेकर उन्हें वापस कर दे रहा था। सभी शिकायतों को लेखपाल तत्काल एक-दो दिन में निस्तारित करने का आश्वासन दे रहा था। लोगों ने बताया कि इस तरह के कार्य में कई लेखपाल लगे थे। शिकायतों में खेतों की पैमाइश से लेकर राजस्व से संबंधित शिकायतों को पढ़कर अपने पास रख ले रहे थे। फरियादियों ने इन लेखपालों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की मांग किया है।