जिला जेल में छापामारी के बाद बाहर निकलते जिलाधिकारी संजय खत्री साथ में एसपी अरविंद सेन।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार खत्री और एसपी अरविंद सेन सहित अन्य अधिकारियों ने जिला जेल पर छापेमारी की। इस दौरान एक बैरक के बाहर से मोबाइल, लाइटर, ताश के पत्ते और फल बरामद किए गए। अचानक हुई छापेमारी से जिला जेल के बंदियों और बंदी रक्षकों में करीब एक घंटे तक हड़कंप मचा रहा। इस दौरान बैरक नंबर तीन और चार की गहनता से पड़ताल की गई। बैरक नंबर तीन से बरामद मोबाइल किसका है यह पता नहीं चल सका। पूछताछ में किसी कैदी ने मुंह नहीं खोला। इसके साथ अन्य बरामद सामानों की भी जांच की गई।
जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री एवं एसपी अरविंद कुमार सेन के साथ पूर्वाह्न 11 बजे अचानक जिला जेल पहुंचे। आला अफसरों के पहुंचते ही जिला जेल में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने एक-एक बैरक की गहनतापूर्वक तलाशी ली। तलाशी के दौरान जेल से एक मोबाइल, लाइटर, ताश के पत्ते और कुछ मौसमी फल बरामद हुए। डेढ़ घंटे तक चले चेकिंग के दौरान पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा। बैरक नंबर तीन सहित अन्य जगहों से प्रतिबंधित सामानों के बरामद होने से डीएम हैरान हो गए।
उन्होंने बताया कि बिना जेल कर्मियों की मिलीभगत से सामान बाहर से अंदर नहीं आ सकता है। जिसमें जिला जेल प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। डीएम ने जेल प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जेल के अंदर मोबाइल का नेटवर्क हर हाल में बंद होना चाहिए। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी इसमें दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी की कार्रवाई में माफियाओं के बैरकों को भी खंगाला गया। एक घंटे तक चली जांच-पड़ताल के दौरान हड़कंप मचा रहा।
डीएम के सख्त तेवर से जेल कर्मी भी सहमे रहे। अधिकारी द्वय ने बंदियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बाबत पूछताछ की। ठंड से बचाव के लिए उपलब्ध कराए गए गर्म कपड़े, शौचालय, स्नानागार के साथ ही बैरकों की साफ-सफाई की गहनता से जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने जेल में बंद महिला बंदियों के बारे में भी जानकारी ली। बंदियों द्वारा समय से इलाज और भोजन की गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को इसके लिए सख्त निर्देश दिए।