गाजीपुर। बृहस्पतिवार को जिला पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो गया। अंतिम महिला मरीज भी ठीक हो गई जिसे वाराणसी से सुबह एम्बुलेंस से यहां लाया गया। फिलहाल उसे शहर के रेलवे प्रशिक्षण केंद्र में 14 दिनों के लिए कोरंटाइन किया गया है। इधर जिले से भेजे जा रहे गए संदिग्धों के सैंपल की रिपोर्ट अब लगातार निगेटिव आ रही है। आज विभिन्न स्थानों से कुल 20 संदिग्धों के सैंपल लिया गया। जिले से अब तक 776 लोगों के सैंपल भेजे गए है जिसमें से 247 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अप्रैल माह के शुरुआती सप्ताह में ही जिले में कोरोना के तोबड़तोड़ पांच मरीज मिले थे। इसमें चार बाहर से आए जमाती थे जिसमें दो देहरादून तथा दो सहारनपुर के थे। बाद में एक और मरीज दिलदारनगर में पाया गया। यह सभी जमाती थे तथा जहां तहां मस्जिदों में ही रह रहे थे और एक जलसे के दौरान ही संपर्क में आए थे। पहले इन मरीजों को मुहम्मदाबाद लेविल वन के अस्पताल रखकर इलाज किया जा रहा था लेकिन बाद में सभी को वाराणसी के दीन दयाल उपाध्याय मंडलीय अस्पताल में भेज दिया गया। इलाज के बाद वाराणसी से ठीक होकर लौटे पांचों कोरोना के मरीजों को पहले तो हमीद सेतु स्थित शम्मे हुसैनी अस्पताल लेकिन बाद में उन्हें छावनी लाइन स्थित एक स्कूल में बनाए गए अस्थाई जेल में रख दिया गया। इसी बीच, इन जमातियों के ही संपर्क में आई शहर की एक महिला भी कोरोना से संक्रमित हो गई। इसकी खोज अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में हुई। इस मरीज को सीधे वाराणसी भेज दिया गया। इधर, अब प्रदेश सरकार महानगरों तथा बाहरी राज्यों में रहने वाले लोगों को बसों तथा रेल से बुला रही है। जिले में लगातार लोग आ भी रहे है जिससे खतरे की संभावना बढ़ गई है।