जखनिया। जखनिया रेलवे स्टेशन के उत्तरी केबिन के पास रेलवे पटरी पर सोमवार को दिव्यांगों के एक समूह ने अपनी पुरानी मांग को लेकर धरना दिया। इस दौरान सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उन्हें मनाया। एक विकलांग साथी की जमीन पर पट्टीदारों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। लगातार अधिकारियों के यहां गुहार लगाए जाने के बाद भी का्र्रवाई नहीं हो रही है।
अध्यक्षता कर रहे रामविजय चौहान ने बताया कि शादियाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवादा दुर्गविजय राय गांव के गांधी पांडेय का परिवार जिसमें तीन दिव्यांग हैं। उनकी लड़की नब्बे फीसदी दिव्यांग, पत्नी बर्फी देवी आंख से पूरी तरह एवं लड़का अनिल पांडेय भी विकलांग है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उनके घर की जमीन पर उनके पट्टीदार कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित व्यक्ति गांधी पाडेय द्वारा शादियाबाद थाने में तहरीर देने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उप जिलाधिकारी के यहां शिकायत करने के बाद उन्होंने मुकदमा कर देने की बात कर टाल दिया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई। इसके बाद चार नवंबर को निर्धारित तिथि को धरना एवं आत्महत्या करने के लिए रेलवे ट्रैक पर अपने साथियों के साथ पहुंचे। उन्हें रोकने के लिए आरपीएफ एसआई कृष्णमोहन तिवारी, जीआरपी के सुरेश कुमार साहनी एवं भुड़कुड़ा कोतवाल अनिल कुमार पांडेय पुलिस कर्मियों सहित पहुंचे और रेल पटरी से हटाने का पर्यास किया लेकिन दिव्यांग अपनी मांग पर अड़े रहे। इसकी सूचना उपजिलाधिकारी अभय कुमार मिश्रा एवं क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक को मिलते वह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। विकलांगों को समझा-बुझाकर हटाया गया। अधिकारियों ने समाधान के लिए दो दिन का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर वह शांत हुए। इस मौके पर तहसीलदार रामसुधार, नायब तहसीलदार आदि उपस्थित थे।