गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में सेहत से जरा भी लापरवाही आपके लिए भारी पड़ेगी। खान-पान में थोड़ी सी मनमानी घातक साबित हो रही है और लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन तीन से चार इसके मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने ऐसे मरीजों को भर्ती करके उपचार करने के लिए दस बेड सुरक्षित किए हैं। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर एहतियात एवं सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बदले मौसम में इन दिनों सुबह से ही आसमान से आग बरसने लग रही है। दोपहर होते-होते तापमान इतना बढ़ जा रहा है कि गर्म हवाओं के बीच घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप से विभिन्न संक्रामक बीमारियों से लोगों ने खाट पकड़ना शुरू कर दिया है। इन दिनों जहां ओपीडी में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की भीड़ लग रही है। वहीं पेट से संबंधित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि डायरिया से पीड़ित प्रतिदिन तीन से चार की संख्या में मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मक्खी और मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। इन्हीं से जनित बैक्टीरिया दस्त का मुख्य कारण बनते हैं। इनसे आंतों में संक्रमण होता है, जो दस्त जैसे रोग को उत्पन्न करता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में कोलाइटिस कहते हैं। तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, जिससे डायरिया जैसी बीमारी से बचा जा सके। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक एसके मिश्रा ने बताया कि मौसम के तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए सतर्कता और एहतियात जरूरी है। खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।