महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मेडिकल कालेज प्रशासन इसके लिए इनफार्मेशन सिस्टम विकसित कर रहा है। इसके तहत मरीजों की बीमारी का पूरा ब्यौरा कंप्यूटर में फीड रहेगा। साथ ही साइट भी बनाई जाएगी। मरीजों की आईडी मुहैया कराई जाएगी। इसके जरिये जरूरत पड़ने पर अन्य स्थान के चिकित्सक भ ीमरीजों को दी जा रही दवा और उपचार के बारे में जानकारी ले सकेंगे और उसका इलाज कर सकेंगे। इससे मरीजों को सहूलियत होगी। वहीं 24 घंटे ब्लड बैंक एवं जांच की सुविधा भी प्रदान होगी। चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कवायद तेज कर दी गई है।
नगर के आरटीआई मैदान में करीब 21.61 एकड़ भूमि में करोड़ों रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कालेज (महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) जहां बनकर तैयार है। वहीं बीते अक्तूबर में पूर्व प्रधानमंत्री ने वर्चुअल उद्घाटन भी किया था। इसमें प्रधानाचार्य आवास, कालेज कौंसिल कक्ष, लाइब्रेरी और संकाय कक्ष हैं। साथ ही सुसज्जित लाइब्रेरी में 1700 से अधिक पुस्तकें और ई- लर्निंग की सुविधा से लैस किया गया है। इसके अलावा पांच मंजिला में शैक्षणिक भवन, लेक्चर थियेटर कॉम्पलेक्स, छात्रावास और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में 300 बेड के जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने को लेकर कालेज प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाया जाने लगा है। वजह ब्लड बैंक एवं जांच की सुविधा 24 घंटे नहीं मिलने से मरीजों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे पहले ब्लड बैंक एवं जांच की सुविधा को 24 घंटे पूरे सप्ताह सक्रिय करने के लिए कार्य तेज कर दिया गया है, जिससे तत्काल मरीजों को ब्लड एवं जांच की व्यवस्था मिल सके। इसके साथ ही अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की आईडी बनाई जाएगी, जिससे भर्ती के दौरान किस बीमारी का उपचार हुआ और कौन-कौन सी दवाईयां दी गई हैं।
इसके पूरे ब्यौरे को आनलॉइन सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा, जिससे मरीज देश के किसी भी कोने में अस्पताल के बेबसाइट पर क्लिक में प्राप्त कर सकेंगे। इससे उपचार की जहां तत्काल सुविधा मिल सकेगी, वहीं चिकित्सकों को भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा और पर्ची का सिस्टम में समाप्त हो जाएगा। इससे बाहर की दवाईयों और कमीशन पर भी पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा।
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25 दिसंबर तक छात्रों का हो जाएगा दाखिला
गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेें छात्राओं के दाखिले की प्रक्रिया दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगी, जो 25 दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगी। अगले वर्ष के जनवरी माह से पढ़ाई की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके लिए तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। यहां सीट के मुताबिक 100 छात्रों का दाखिला होगा। नीट का परिणाम आने के बाद ही प्रक्रिया तेज हो चुकी है।
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प्रथम बैच निकलने के बाद मिलेगी पूर्णत: मान्यता
गाजीपुर। राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन को बीते छह नवंबर को एलओपी (लेटर ऑफ परमिशन) प्राप्त हो चुका है। अभी मान्यता मिलने में पांच वर्ष लगेंगे। वजह प्रथम बैच के पूर्णत: पढ़कर निकलने के बाद ही पूर्ण मान्यता कालेज को मिल सकेगा। कालेज प्रशासन की ओर से इसकी भी कवायद तेज की गई है, जिससे प्रथम बैच के सफल संचालन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जल्द ही इनफार्मेशन सिस्टम डेवलप किया जाएगा, जिससे उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की आईडी बनाई जा सके। वहीं उनका डाटा भी ऑनलाइन अस्पताल की बेबसाइट पर अपलोड रहेगा। इसके अलावा 24 घंटे ब्लड बैंक एवं जांच की भी सुविधा मिलेगी। इन सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। - डा. आनंद मिश्रा, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज गाजीपुर