जिले के परिषदीय विद्यालयों तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत
शिक्षकों की प्रधानाध्यापक/ सहायक शिक्षक पद पर पदोन्नति की मांग को लेकर
सोमवार को शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा।
वेतन भुगतान के लिए शिक्षामित्र भी
लामबंद हो गए। इसके बाद शिक्षकों और शिक्षामित्रों की ओर से महुआबाग स्थित
बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया गया। देर दोपहर
बाद मौके पर पहुंचे बीएसए के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
धरना
सभा को संबोधित करते हुए सहायक अध्यापक धर्मवीर यादव ने कहा कि शासनादेश
के मुताबिक परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की
प्रधानाध्यापक एवं सहायक शिक्षक पद पर पदोन्नति की जानी है लेकिन इस
प्रक्रिया को पूरी करने में शुरू से ही लापरवाही बरती जा रही है।
इसको
देखते हुए बीते 17 जनवरी को उप्र बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा
ने प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र जारी करते हुए
जिले में रिक्त चल रहे प्रधानाध्यापकों के पद पर प्राथमिक विद्यालयों में
कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी सभी प्रक्रिया 23 जनवरी तक हरहाल में
पूरी करने का कड़ा आदेश जारी किया है। इसके बावजूद अभी तक इसकी प्रक्रिया
को पूरी नहीं की जा रही है।
वहीं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के
सदस्यों ने वेतन भुगतान की मांग उठाई। कहा कि वेतन का भुगतान नहीं होने से
उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। देर दोपहर मौके पर पहुंचे
बीएसए संजीव कुमार सिंह ने धरने पर बैठे शिक्षकों से वार्ता की। कहा कि
टीईटी प्रशिक्षु शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी कर पदोन्नति की कार्यवाही
की जाएगी।
इसके लिए एक बार फिर से आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद
आपत्तियों का निस्तारण कर फरवरी के प्रथम सप्ताह में पदोन्नति की सूची जारी
कर दी जाएगी। वहीं वेतन भुगतान की म्रांग कर रहे शिक्षामित्रों से बीएसए
ने कहा कि शिक्षामित्र 100 रुपए के स्टांप पेपर पर फोटो युक्त शपथ पत्र
अपने-अपने बीआरसी पर जमा कर दें।
शपथ पत्र का प्रारूप प्रत्येक बीआरसी पर
उपलब्ध है। बीएसए के इस आश्वासन पर शिक्षकों और शिक्षामित्रों ने धरना
समाप्त कर दिया। धरना में मुख्य रूप से शिक्षक राम दरश सिंह यादव, योगेंद्र
सिंह, देवेंद्र खरवार, आजाद, अजय सिंह, अनिल कुमार, कौसर अली, अभिमन्यु,
राम केवल यादव, दिनेश तथा शिक्षामित्रों में मंजय कुमार, बृजनाथ दुबे,
श्याम लाल यादव, अजय कुमार, राजेश आदि उपस्थित थे।
ऐसे तो आदेश हो जाएगा बेअसर
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव कुमार सिंह की ओर से यदि शिक्षकों की
पदोन्नति 23 जनवरी 2015 तक नहीं की गई तो उप्र बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव
संजय सिन्हा तथा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक का आदेश बेअसर हो जाएगा।
वजह बीते 17 जनवरी को सचिव के आदेश के बाद मंडलीय शिक्षा निदेशक बेसिक की
ओर से पदोन्नति की प्रक्रिया हरहाल में 23 जनवरी तक पूरा करने का कड़ा आदेश
बीएसए को दिया गया है। बावजूद इसके बीएसए पदोन्नति की सूची फरवरी के प्रथम
सप्ताह में जारी करने का आश्वासन शिक्षकों को दिए हैं। इससे शिक्षक भी
असमंजस में पड़ गए हैं।