औड़िहार। सैदपुर के रसगुल्ला के गाजीपुर ही नहीं, आसपास के जिलों के लोग भी दीवाने हैं। दूसरे जिलों से आने वाले लोग यहां के रसगुल्ले का स्वाद लेना नहीं भूलते। लोग जब रिश्तेदारी में लखनऊ, गोरखपुर व अन्य जनपदों से आते हैं तो सैदपुर का रसगुल्ला जरूर साथ ले जाते हैं। सैदपुर से गुजरते समय लोग यहां रुककर रसगुल्ला जरूर खाते हैं। सैदपुर के रसगुल्ला व्यवसायी रामकरन यादव व मनोज यादव ने बताया कि प्रतिदिन छह क्विंटल रसगुल्ले की खपत है। यहां के रसगुल्ले का स्वाद लोगों को इस कदर पसंद आता है कि 20 किलोमीटर की परिधि में स्थित गांवों के लोग प्रतिदिन रसगुल्ला खाने चले आते हैं। इसकी मांग होने के पीछे दो वजह है।
पहला वाजिब रेट व दूसरा इसका अपना अलग स्वाद। केवल 200 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री होने के कारण इसकी खरीदारी हर किसी के वश में है। सैदपुर का रसगुल्ला लेकर लोग गोरखपुर, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, लखनऊ, प्रयागराज, जौनपुर तक जाते हैं। इसको बनाने में किसी भी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। अन्य रसगुल्लों की अपेक्षा यहां का रसगुल्ला काफी मुलायम होता है। इसलिए लोग इसको काफी ज्यादा पसंद करते हैं।
रसगुल्ले का स्वाद चखने के लिए सैदपुर बाजार में चार पहिया वाहनों पर ब्रेक लग जाता है। लोग ठहरकर रसगुल्ले का स्वाद लेना पसंद करते हैं। दिन-प्रतिदिन सैदपुर रसगुल्ले की मिठास जनपदीय सीमा को तोड़ते हुए अपना विस्तार कर रही है। करीब 70 वर्षों से सैदपुर रसगुल्ले की अपनी एक अलग पहचान बनी हुई है।