जिले में ऐसे 85 आवेदक हैं, जिनके परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की हादसे में मौत हो गई थी। इन लोगों ने योजना के तहत आवेदन किया था। विभाग की ओर से पात्रता संबंधी मानकों के आधार पर आवेदनों का सत्यापन किया गया। सत्यापन प्रक्रिया में ये आवेदन पात्र पाए गए, लेकिन बैंक खातों के वेरीफिकेशन में मामला अटक गया।ऐसे में संबंधित आवेदक खातों में सहायता राशि आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए वे कभी ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं तो कभी विकास भवन पहुंचकर विभाग से गुहार लगा रहे हैं। इस बीच उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
योजना की पात्रता
आयु सीमा: मृतक पुरुष या महिला की आयु मृत्यु के समय 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
परिवार की स्थिति: मृतक परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होना चाहिए।
निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
आय सीमा: परिवार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाला होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
आवेदक और मृतक का आधार कार्ड, मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, आधार-सीडेड बैंक खाते की पासबुक, आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होने चाहिए।
पारिवारिक लाभ योजना के तहत 143 आवेदकों के खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है। 85 मामलों में बैंक वेरीफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन आवेदकों के खातों में भी धनराशि भेज दी जाएगी। - अभय सिंह, प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी