जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब छह आशाओं की उल्टी होने से तबीयत बिगड़ गई। आशाओं की उल्टी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। चिकित्सक तुरंत इलाज में लग गए। किसी तरह से मामला शांत हुआ। ट्रेनिंग में मौजूद सभी आशाओं को छिपकली के जहर से बचाने के लिए एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एनके सिंह ने बताया कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही से ऐसा नहीं हुआ है। अचार के पैकेट में ही मरी हुई छिपकली मिली है। वह पैकेट हटा दिया गया है। आगे से सतर्कता बरती जाएगी।