मरदह थाना क्षेत्र के बोगना गांव निवासी युवक अजीत उर्फ भोला चौहान (31) का शव शुक्रवार की देर शाम को मऊ जिले के गांव भुसुआ याकूबपुर थाना रानीपुर में कुएं में मिला। बोगना गांव में भोला का शव मिलने की सूचना आने पर कोहराम मच गया।
10 अप्रैल को बोगना गांव निवासी शिवकुमार चौहान की पुत्री का तिलक चढ़ाने मऊ जिले के रानीपुर थाना के भुसुआ गांव में बोगना के लगभग पचास ग्रामीण गए थे। भुसुआ गांव में तिलक चढ़ाने गए लोगों ने जलपान किया एवं तिलक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। देर रात भोजन परोस रहे युवकों से तिलक चढ़ाने गए लोगों में गाली-गलौज एवं मारपीट शुरू हो गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर तिलक चढ़ाने गए लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इस दौरान भगदड़ में बोगना गांव निवासी रमेश चौहान (45) कुएं में गिर गए, उनको किसी प्रकार बाहर निकाला गया था। उनका बांया पैर फ्रैक्चर हो गया था। साथ ही संजय चौहान (35) और सचिन चौहान (15) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी का उपचार मऊ स्थित चिकित्सालय में कराया गया था। मारपीट की घटना के बाद बोगना गांव के सभी लोग मौके से जान बचाकर भाग गए। बोगना गांव से तिलक में गए भोला चौहान के घर न लौटने पर सुबह उसके परिजनों ने मऊ के रानीपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के तीसरे दिन भोला का शव भुसुआ गांव में मिलने पर उसके परिजनों ने बताया कि जिस कुएं में भोला का शव मिला है, उसी कुएं में गांव निवासी रमेश चौहान मारपीट के समय गिर गए थे। उनको रात में ही निकाला गया था तब भोला कुएं में नहीं गिरा था। भोला को बाद में कुएं में जानबूझकर डाला गया है जिससे उसकी मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक मऊ को पत्र देकर हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। युवक की मौत से बोगना गांव में शोक की लहर दौड़ गई।