रेवतीपुर थाना क्षेत्र के रेवतीपुर गांव स्थित बलुआ टोला दलित बस्ती में शुक्रवार की दोपहर अचानक आग लग गई। इस घटना में पूरी दलित बस्ती जलकर राख हो गई। इस आग में गंभीर रूप से झुलसने के कारण पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि पुत्री झुलस गई। अग्निकांड में पांच मवेशियों की भी मौत हो गई। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। घटना की जानकारी होते ही उपजिलाधिकारी, तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
क्षेत्र के बलुआ टोला स्थित दलित बस्ती में दिन में अचानक आग लग गई। इससे गुलाब राम की झोपड़ी जलने लगी। झोपड़ी जलता देख गुलाब राम (55) और उसकी पत्नी चांदमुनि (50) दोनों झोपड़ी में बंधे जानवरों को निकालने के लिए घुस गए। इसी दौरान आग की चपेट में आने से दंपती झुलस गए। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थी कि गुलाब राम की झोपड़ी में रखे दो सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए। इससे आग बढ़ गई और आसपास की अन्य झोपड़ियों को अपने आगोश में ले लिया। इस घटना में गुलाब राम की पुत्री अर्चना (25) झुलस गई। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया।
आग से नंदू राम, अयोध्या, कांता राम, राजेन्द्र, कविन्द्र, मनीष, विकास, श्रीकिशुन, बिट्टू, मंजू एवं बब्बन की 2-2 झोपड़ियां, सोनू, संजय, बिहारी की 3-3 और रतन, मुन्ना, दीपू, सीपू, छोटू की एक-एक झोपड़ी जलकर राख हो गई। मुन्ना, संजू और लालू के मकान की छत उड़ गई। इसके अलावा झोपड़ियों में रखा गृहस्थी का हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। इससे पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए। घटना की जानकारी पाकर उपजिलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप, तहसीलदार उमेशचन्द्र निगम, विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी एवं तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। उपजिलाधिकारी ने मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये तथा शेष बेघर पीड़ितों को सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कोटेदार को पीड़ितों को 25-25 किलो चावल, गेहूं के अलावा खाना बनवाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
पूर्व की घटनाओं की तरह शुक्रवार को भी दमकल कर्मी आग बुझ जाने के बाद मौके पर पहुंचे। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। नाराज ग्रामीणों ने बलुआ टोला के पास सड़क पर जमकर नारेबाजी की। उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने वहां पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया तब कहीं जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
रेवतीपुर के बलुआ टोला में लगी भीषण आग और भयावह रूप धारण कर लेती अगर ग्रामीणों ने साहस नहीं दिखाया होता। गांव के लोगों ने भीषण आग की घटना में दिलेरी दिखाते हुए सूझबूझ का परिचय देते हुए काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया। पहलवान संजय राय के साहस की लोग सराहना करते दिखे। लोगों का कहना था कि अगर ग्रामीण मुस्तैदी नहीं दिखाते तो आग में और बड़ी क्षति की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था।