देवकली। गौतम बुद्ध की 2584वीं जयंती कोरोना महामारी के चलते सामूहिक कार्यक्रम को स्थगित करके घर-घर मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बुद्ध ने मानव समाज को एक सूत्र में पिरोया।
छावनी लाइन में स्थापित प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के बाद पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि विश्व के 66 देशों में बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं लेकिन अपने देश में महामानव उपेक्षित हैं। उन्होंने अपने उपदेशों के माध्यम से संपूर्ण मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके विचारों एवं उपदेशों पर चलकर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांधा जा सकता है। प्रधानाचार्य अजय कुशवाहा, पूर्व ग्राम प्रधान उर्मिला कुशवाहा, अजय कुशवाहा, राजनाथ कुशवाहा ने माल्यापर्ण किया। एमजेआरपी पब्लिक स्कूल में पूर्व सासंद जगदीश कुशवाहा एवं युवा नेता राजेश कुशवाहा ने उनके जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डाला। नूरपुर में रामनरेश कुशवाहा ने कहा कि तथागत गौतम बुद्ध ने अपना संपूर्ण जीवन जात-पात, ऊंच-नीच को समाप्त करने में लगा दिया। देवकली में अशोक कुशवाहा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते सामूहिक कार्यक्रम स्थगित करके घर-घर मनाया गया। इस अवसर पर नरेंद्र मौर्य, डा. शैलेंद्र सिंह, डा. आकांक्षा सिंह, निशा मौर्या, लक्ष्मी देवी, अभिषेक सिंह, देवेंद्र सिंह, हर्ष, सेजल, पूजा, रीमा ने चित्र पर माल्यापर्ण किया। सिधौना, बभनौली, बेलहरी, अनौनी, गोरखा, जमीनसंदल आदि गांवों में जयंती मनाई गई।