मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के छिछवां मोड़ के पास बुधवार की दोपहर गोली
मारकर की गई प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष मुनेंद्र राजभर की
हत्या में शूटरों का हाथ होने की बात सामने आ रही है।
पुलिस की जांच और
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि बदमाशों ने हत्या की इस वारदात में 9
एमएम की गोली का इस्तेमाल किया था। ऐसे में अब पुलिस कोटे के विवाद सहित
अन्य कई कारणों को ध्यान में रखते हुए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में
जुट गई है।
बीते बुधवार की दोपहर करीब पौने बारह बजे भदेसर गांव निवासी
शिक्षक नेता मुनेंद्र राजभर की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब
वह बाइक से मुहम्मदाबाद आ रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भाग
निकले थे।
इस मामले में मृतक के भाई की ओर से हत्या के पीछे कोटे का विवाद
बताते हुए तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुहम्मदाबाद
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच और
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि शिक्षक नेता को 9 एमएम की गोली मारी
गई थी।
ऐसे में शक की सूई शूटरों पर घूम रही है। वहीं कोटे के विवाद में
हत्या की बात क्षेत्र के लोगों के गले नहीं उतर रही है। हत्या को लेकर
लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। घटना के बाद से ही पुलिस कातिलों तक
पहुंचने की कोशिश में जुटी है लेकिन अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका
है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि आरोपियों की तलाश में उनके
संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द से जल्द आरोपी सलाखों
के पीछे होंगे।