कासिमाबाद के सलामतपुर में किराना व्यापारी मनीष जायसवाल और उनके भाई विश्वजीत को गोली मारकर घायल करने और एक बदमाश की पीटकर हत्या में पुलिस पुराने विवाद पर भी नजर रखी हुई है। वर्ष 2013 से गुटखे को लेकर शुरू हुए विवाद में पहले ही तीन हत्याएं हो चुकी हैं। 28 जुलाई 2013 की शाम मनीष की किराना दूकान पर गुटखा के पैसे को लेकर विवाद में मनीष के भाई अखिलेश जायसवाल की हत्या कर दी गई थी।
उस दौरान ग्रामीणों ने बहादुरगंज निवासी हमलावर फिरोज अहमद की पीटकर हत्या कर दी थी। एक साल बाद 28 जुलाई, 2014 को अखिलेश की बरसी मनाई जा रही थी। इसमें सलामतपुर निवासी विवेक सिंह नामक युवक भी पहुंचा था। मनीष के पक्ष के लोगों ने अखिलेश के हमलावरों के पक्ष का मानते हुए उसकी भी पीटकर हत्या कर दी। शुक्रवार को मारे गए बदमाश राजू को विवेक सिंह का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
2014 में मनीष के भाई अखिलेश की बरसी पर सलामतपुर के विवेक सिंह की पुलिस हिरासत से खींचकर हत्या के बाद हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मनीष के रिवाल्वर और उनके पिता सुभाष सिंह की राइफल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। शुक्रवार को मनीष और विश्वजीत पर हमले के बाद चक्काजाम कर रहे लोगों का कहना था कि असलहों का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया होता तो घटना नहीं होती। विवेक की मौत का मामला आज भी अदालत में विचाराधीन है।