कासिमाबाद के सलामतपुर में किराना व्यापारी मनीष जायसवाल और उनके भाई विश्वजीत को गोली मारकर घायल करने और एक बदमाश की पीटकर हत्या के तार मऊ से जुड़ रहे हैं। पुलिस के अनुसार गंभीर रूप से घायल बदमाश श्रीकांत ने बताया है कि मऊ के डुमराव की प्रधान सुनीता के पति यशपाल सिंह ने मनीष को मारने के लिए एक लाख की सुपारी दी थी।
यशपाल ने ही दस दिन पहले अपनी चार पहिया वाहन से दोनों बदमाशों को लेकर आया था और मनीष की पहचान कराई थी। पुलिस मामले में यशपाल के साथ ही सलामतपुर के दो लोगों को हिरासत में ली है। उधर यशपाल के पिता ओमप्रकाश का कहना है कि चुनावी रंजिश में श्रीकांत मामले में बेटे को फंसा रहा है।
यशपाल पेशे से ठेकेदार है। वह सनेहुआ गांव में पानी की टंकी बनवा रहा था। तभी मनीष से दोस्ती हो गई। यशपाल के पिता ओमप्रकाश ने बेटे की मनीष से किसी प्रकार की दुश्मनी ने इनकार किया है। व्यापारी भाइयों को गोली मारकर घायल करने के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी।
ग्रामीणों की पिञाई से गंभीर रूप से घायल हमलावर श्रीकांत की ओर से आरोप लगाए जाने पर डुमराव निवासी यशपाल सिंह औ सलामतपुर को दो अन्य लोगों को पकड़ कर पूछताछ कर रही है। शुक्रवार देर शाम यशपाल के पक्ष के डुमराव गांव के सैकड़ों लोग थाने पर पहुंच गए। यशपाल के पिता ओमप्रकाश के लोगों ने बताया कि श्रीकांत उनकी बहू सुनीता की प्रतिद्वंद्वी रहे प्रत्याशी का समर्थक है।
बीते चुनाव में श्रीकांत के एक दोस्त ने मोबाइल फोन से यशपाल को चुनाव लड़ने जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में सरायलखंसी थाने में केस भी दर्ज कराया गया है। वहीं पकड़े गए बदमाश श्रीकांत का कहना है कि मनीष जायसवाल की हत्या के लिए यशपाल ने एक लाख की सुपारी दी थी।
एडवांस में पचास हजार रुपये दिया था। उन्होंने ही राजू से उसका परिचय कराया था। उसने और राजू ने 25-25 हजार रुपये आपस में बांट लिए थे। दस दिन पहले यशपाल ने दोनों को लाकर मनीष की पहचान कराया था। घटना को अंजाम देने के लिए बाइक और असलहे भी मुहैया कराया था। श्रीकांत ने बताया कि वह मऊ में धागा बनाने का काम करता है। उसकी दो लड़कियां है। पैसे के लालच में उसने राजू का साथ दिया।