करंडा थाना क्षेत्र में रविवार की रात सामूहिक दुष्कर्म के बाद वृद्धा की
हत्या में शामिल सभी पांचों आरोपियों को पुलिस ने सोमवार की रात गिरफ्तार
कर लिया। यही नहीं, पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खून से सनी हुई कमीज
और वृद्धा संग दरिंदगी में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है।
पुलिस लाइन सभागार
में मंगलवार को एएसपी सुनील कुमार सिंह ने आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश
किया। उन्होंने बताया कि रविवार को करंडा क्षेत्र में वृद्धा संग हुए
गैंगरेप और हत्या के मामले में उसके एक करीबी ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या
और दुष्कर्म का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
असली आरोपियों तक पहुंचने के
लिए फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए थे। साथ ही वाराणसी से डॉग
स्क्वाड भी बुलाया गया था जो मनकू मुसहर के आंगन तक गया। वहां छानबीन में
खून से सनी कमीज टंगी मिली। हालांकि नामजद आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी
में पुलिस को कोई नहीं मिला।
इधर, मुखबिर की सूचना पर सोमवार की देर रात
करंडा थानाध्यक्ष संतोष मिश्र ने अपने सहयोगियों के साथ चोचकपुर स्थित एक
बैंक के पास घेरेबंदी करके पांचों आरोपियाें को धर-दबोचा।गिरफ्तार
आरोपियों में करंडा निवासी मनकू मुसहर, मक्कू मुसहर, राधेश्याम दुसाध,
कन्हैया धोबी और वीरेंद्र राम शामिल हैं।
एएसपी के मुताबिक पूछताछ में
आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आरोपियों ने बताया कि वे अक्सर वृद्धा के पास आते-जाते थे। वह भी शराब पीती
थी। उसके पास आने-जाने से वृद्धा का करीबी हम लोगों से ईर्ष्या करता था और
आए दिन भला-बुरा कहता था, जो हमें नागवार गुजरा।
घटना की रात हम सभी ने
छककर शराब पी और वृद्धा को भी पिलाया। इसके बाद बारी-बारी से हमने दरिंदगी
की। मनकू ने सबसे ज्यादा वहशीपन दिखाया। मनकू के घर से बरामद खून से सनी
कमीज को वीरेंद्र ने अपना बताया है। सभी आरोपी 55 से 60 वर्ष के हैं।