गाजीपुर। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित स्व. शिवपूजन पाठक बाल गृह बालिका रस्तीपुर-सैदपुर में प्रोवेशन अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने संस्था को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर सीसीटीवी कैमरा और बायोमेट्रिक मशीन लगाने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर संस्था के संचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बीते छह अगस्त को एसडीएम, सीओ और प्रोवेशन अधिकारी ने संयुक्त रूप से यहां छापेमारी कर जांच की थी।
मुजफ्फरपुर और देवरिया के बालिका संरक्षण गृह में हुए कुकृत्यों के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मची हुई है। जिला प्रशासन भी अपने स्तर से कोई चूक नहीं छोड़ना चाह रहा है। ऐसे में बालिका गृहों को खंगालने का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2008 में स्थापित स्व. शिवपूजन पाठक बाल गृह बालिका रस्तीपुर में बीते छह अगस्त को उपजिलाधिकारी शिशिर कुमार तथा क्षेत्राधिकारी केके सरोज, जिला प्रोवेशन अधिकारी अनिल सोनकर ने औचक निरीक्षण किया था। वहां एक-एक बालिकाओं से पूछताछ की गई थी। उनकी समस्याएं सुनने और खामियां मिलने पर केंद्र प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए थे। बालिका गृह में कुल 29 बालिकाएं उपस्थित मिलीं थीं, जबकि पंजिका में 30 बालिकाएं दर्ज थीं। एक बालिका को वाराणसी के बाल कल्याण वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर उन्हें उनके परिजन के साथ भेजा गया था। एसडीएम ने जांच में मानक के अनुरूप कमरे न मिलने पर आपत्ति जताई थी। उसी समय तत्काल सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया था और न होने पर केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। यहां बालिका संरक्षण गृह में 29 बालिकाओं में दस साल से 18 वर्ष की दस बालिकाएं, दो मंदबुद्धि की, एक मूक बधिर तथा 16 सामान्य बालिकाएं हैं। यहां सीसीटीवी कैमरा तथा बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए डीएम के बाला जी के निर्देश पर प्रोवेशन अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। जिसमें तीन दिन के अंदर यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बालिका गृह में अफरा-तफरी का माहौल कायम है।