गाजीपुर। तीन दिन पहले बहरियाबाद थाना क्षेत्र के भाला बुर्जुग गांव में युवक की हत्या कर बोरे से मुंह बांधकर फेंके दिया गया था। पुलिस की सक्रियता से पहले युवक की शिनाख्त की गई, इसके बाद शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया। इस प्रकरण में पुलिस टीम ने महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आरोपियों को पेश करते हुए एसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल ने बताया कि पैसे के लेन-देन में मनोज सिंह की हत्या की गई थी।
एसपी ग्रामीण ने घटना का खुलासा करते हुए कहा कि बीते पांच मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे बहरियाबाद थाना क्षेत्र के भाला बुर्जुग गांव के बाहर पोखरे के पास एक युवक का शव फेंका गया था। मृतक का मुंह बोरे से बंधा था। जबकि शरीर का अन्य हिस्सा शाल से लपेटा हुआ था। घटना की सूचना ग्रामीणों से मिलते ही पुलिस शव को कब्जे में ले शिनाख्त में जुट गई थी। इसी बीच मृतक की पहचान आजमगढ़ जिले के तरवां थाने के कम्हरिया गांव निवासी मनोज सिंह पुत्र बृजदेव सिंह के रूप में हुई। मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन करने लगी। गुरुवार की रात करीब नौ बजे प्रभारी निरीक्षक जयचंद भारती तथा स्वाट प्रभारी निरीक्षक विश्वनाश यादव ने पुलिस टीम के साथ हुसैनपुर मुर्थान गांव के पास से अभियुक्त दीपक गुप्ता, संदीप गुप्ता, विजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया, जो कहीं भागने की फिराक में थे। जबकि घटना में शामिल सुनीता गुप्ता को उसके घर से शुक्रवार की सुबह चार बजे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए सभी अभियुक्त आजमगढ़ जनपद के तरवां थाना के कम्हरिया गांव के निवासी हैं। अभियुक्त दीपक गुप्ता की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का एक तमंचा, तीन कारतूस, एक पिस्टल और मैगजीन के साथ ही मृतक के पास से लूटे गए 11040 रुपये बरामद किए गए। उनके पास से एक बाइक और एक मोबाइल भी बरामद की गई। एसपी ग्रामीण ने बताया कि दीपक गुप्ता और सुनीता गुप्ता ने मृतक मनोज सिंह से तीन लाख रुपये तीन साल पहले कर्ज लिया था। पांच मार्च को मनोज सिंह अपना पैसा मांगने के लिए दीपक के घर पहुंचा तो सुनियोजित तरीके से दीपक ने भाई संदीप गुप्ता, पिता विजय गुप्ता, माता सुनीता गुप्ता और अपने साथी साहब राज यादव की मदद से गोली मारकर मनोज की हत्या कर दी। इसके बाद शव का मुंह बोरे में डालकर और शरीर के अन्य हिस्से पर साल लपेटकर उसे भाला बुर्जुग गांव में फेंक दिया। विजय गुप्ता के खिलाफ आजमगढ़ जिले के विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक और स्वाट टीम प्रभारी के साथ चौकी इंचार्ज ओमकार तिवारी, उप निरीक्षक प्रशांत कुमार चौधरी, अजीत कुमार यादव, आरक्षी अजीत कुमार, संजय यादव, महेश कुमार, संजीव कुमार और महिला आरक्षी अनीता कुमारी शामिल थी।